अयोध्या के राज्यकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह फोन पर बात करते हुए खुद को संभाल नहीं पाते और फफक-फफक कर रो पड़ते हैं। बताया जा रहा है कि यह कॉल उन्होंने अपनी पत्नी को की थी। जैसे ही पत्नी ने फोन उठाया, प्रशांत कुमार सिंह ने कहा—“मैंने इस्तीफा दे दिया है… मुझे बर्दाश्त नहीं हुआ।” यह कहते ही उनकी आवाज भर्रा जाती है और वे रोने लगते हैं। वीडियो में उनका दर्द साफ झलकता है। फोन पर बातचीत के दौरान वह कहते हैं कि “जिसका नमक खाते हैं, उसका सिला अदा करना पड़ता है।” कॉल खत्म होने के बाद वह आसपास मौजूद लोगों से कहते हैं कि “सॉरी, मैं पत्नी से बात कर रहा था। मेरी दो बेटियां हैं, मैं दो रात से सोया नहीं हूं।” इस एक वीडियो ने उन्हें सिर्फ एक अधिकारी नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान के रूप में लोगों के सामने ला दिया। सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को देखकर भावुक हो रहे हैं और तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
पीएम मोदी और सीएम योगी के समर्थन में इस्तीफा
प्रशांत कुमार सिंह का इस्तीफा केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और वैचारिक निर्णय बताया जा रहा है। उन्होंने इस्तीफा देते समय स्पष्ट कहा कि उनका यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में है। उनका कहना था कि वह अपने नेताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते। इसी भावनात्मक पीड़ा ने उन्हें यह कठोर फैसला लेने के लिए मजबूर किया। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके ऊपर किसी तरह का कोई दबाव नहीं था और न ही किसी ने उनसे इस्तीफा देने को कहा। यह पूरी तरह उनका निजी निर्णय है, जो उनके स्वाभिमान और सोच से जुड़ा हुआ है। इस्तीफे के बाद उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से मानसिक तनाव में थे और अंदर ही अंदर टूट चुके थे। जब यह बोझ असहनीय हो गया, तब उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया। उनका यह बयान और वायरल वीडियो, दोनों मिलकर इस मामले को बेहद संवेदनशील बना देते हैं।
कौन हैं प्रशांत कुमार सिंह, कैसा रहा उनका सफर
प्रशांत कुमार सिंह का जन्म 28 अक्टूबर 1978 को उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में हुआ था। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई जीवन राम इंटर कॉलेज से पूरी की और इसके बाद वाराणसी के उदय प्रताप महाविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की। साल 2013 में उन्होंने सरकारी सेवा ज्वॉइन की थी। उनकी पहली पोस्टिंग सहारनपुर में हुई, जहां उन्होंने ईमानदार और कर्मठ अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाई। वर्ष 2023 में उनकी पोस्टिंग अयोध्या में हुई और वे यहां राज्यकर विभाग में संभागीय उप आयुक्त यानी डिप्टी कमिश्नर के पद पर कार्यरत थे। विभाग में उन्हें एक सख्त लेकिन न्यायप्रिय अधिकारी माना जाता रहा है। सहकर्मियों के अनुसार, प्रशांत कुमार सिंह अपने काम को लेकर बेहद गंभीर रहते थे और नियमों के पालन में कोई समझौता नहीं करते थे। उनका प्रशासनिक करियर विवादों से दूर और जिम्मेदारियों से भरा रहा, यही वजह है कि उनका अचानक इस्तीफा सभी के लिए चौंकाने वाला बन गया।
इस्तीफे के बाद समाज सेवा की घोषणा
इस्तीफे के बाद प्रशांत कुमार सिंह ने यह भी घोषणा की है कि यदि उनका इस्तीफा स्वीकार हो जाता है, तो वे अपने निजी संसाधनों से समाज सेवा का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि अब वह आम लोगों के बीच रहकर उनके लिए कुछ करना चाहते हैं। उनका मानना है कि पद से हटने के बाद भी समाज के लिए योगदान दिया जा सकता है। इस बयान के बाद कई लोग उनके फैसले की सराहना कर रहे हैं, तो कुछ लोग इसे भावनाओं में लिया गया कदम बता रहे हैं। हालांकि, प्रशांत कुमार सिंह का कहना है कि उन्होंने यह निर्णय पूरी सोच-विचार के बाद लिया है। उनकी भावुकता, पारिवारिक जिम्मेदारियां, दो बेटियों का जिक्र और नींद न आने की बात, इस पूरे मामले को और भी मानवीय बना देती है। फिलहाल उनका यह वीडियो और इस्तीफा लगातार चर्चा में है और लोग जानना चाहते हैं कि आगे उनका जीवन किस दिशा में जाएगा।
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