ओडिशा के क्योंझर जिले के आनंदपुर इलाके में स्थित नियालिझरन गांव रविवार शाम उस वक्त दहशत के साए में आ गया, जब एक ही परिवार के तीन लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। गांव के लोग अभी रोजमर्रा की जिंदगी में ही लगे थे कि अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर में खबर फैल गई कि गांव में तिहरा हत्याकांड हुआ है। मरने वालों में एक युवक, उसकी पत्नी और उनकी नाबालिग बेटी शामिल हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हमलावर कोई बाहरी नहीं बल्कि परिवार का ही बड़ा सदस्य था। घटना इतनी क्रूर थी कि जिसने भी सुना, वह सन्न रह गया। गांव में लोगों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए और हर तरफ डर का माहौल बन गया। यह इलाका आमतौर पर शांत माना जाता है, इसलिए इतनी बड़ी वारदात ने सभी को चौंका दिया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेर लिया गया। शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई, जबकि गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
कुल्हाड़ी से किया गया हमला, एक ही परिवार उजड़ गया
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस वारदात को लक्ष्मण सोरेन ने अंजाम दिया। आरोप है कि उसने अपने छोटे भाई जितेंद्र सोरेन, उसकी पत्नी और उनकी बेटी पर कुल्हाड़ी से हमला किया। हमला इतना अचानक और खतरनाक था कि तीनों को बचने का कोई मौका नहीं मिला। घटनास्थल पर खून के निशान और टूटा-फूटा सामान इस बात की गवाही दे रहे हैं कि हमला बेहद हिंसक था। ग्रामीणों के मुताबिक, चीखें सुनकर जब तक लोग मौके पर पहुंचे, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। बच्ची की हत्या ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। लोग यह समझ नहीं पा रहे कि आखिर कोई इंसान इतना निर्दयी कैसे हो सकता है कि अपने ही परिवार पर इस तरह टूट पड़े। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को भी बरामद कर लिया है। शुरुआती तौर पर यह मामला आपसी रंजिश और गुस्से में की गई वारदात माना जा रहा है, हालांकि पुलिस का कहना है कि हर पहलू से जांच की जा रही है।
सालों पुराना जमीन विवाद बना खून की वजह?
गांव और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों भाइयों के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। यह विवाद कई सालों से सुलग रहा था और कई बार पंचायत स्तर पर इसे सुलझाने की कोशिश भी हुई थी, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में इस विवाद को लेकर तनाव और बढ़ गया था। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ऐसा कौन-सा मोड़ आया, जिससे मामला सीधे हत्या तक पहुंच गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जमीन के कागजात, पुराने झगड़ों और पारिवारिक बातचीत की भी जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना से पहले दोनों भाइयों के बीच कोई कहासुनी या झगड़ा हुआ था या नहीं। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार के अंदर चल रहा यह विवाद सबको पता था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह इतना भयावह रूप ले लेगा। फिलहाल पुलिस इसे जमीन विवाद से जुड़ा मामला मानकर चल रही है, लेकिन अन्य एंगल भी खंगाले जा रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई तेज, दो लोग हिरासत में
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। घासीपुरा पुलिस स्टेशन की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और मुख्य आरोपी लक्ष्मण सोरेन को हिरासत में ले लिया। इसके अलावा एक अन्य व्यक्ति को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, जो मृतक परिवार का दूर का रिश्तेदार बताया जा रहा है। आनंदपुर सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी कमल पांडा ने बताया कि शुरुआती जांच में जमीन विवाद की बात सामने आई है, लेकिन जांच अभी जारी है। पुलिस सभी तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों को इकट्ठा कर रही है, ताकि यह साफ हो सके कि हत्या की असली वजह क्या थी। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। वहीं गांव में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती जारी है। इस तिहरे हत्याकांड ने न सिर्फ नियालिझरन गांव बल्कि पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। लोग अब यही सवाल कर रहे हैं कि क्या जमीन का झगड़ा इंसान को इतना अंधा बना सकता है कि वह अपने ही खून का कत्ल कर दे।
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