उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने राजनीति से लेकर पुलिस प्रशासन तक हलचल मचा दी है। BJP विधायक अंकुर राज तिवारी पर एक व्यक्ति ने बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। पीड़ित का दावा है कि जमीन विवाद के चलते उसका अपहरण किया गया, बेरहमी से पीटा गया, फिर उसे नग्न कर वीडियो बनाया गया और उस पर पेशाब तक किया गया। वहीं दूसरी ओर, विधायक ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को राजनीतिक साजिश का शिकार बताया है। अब सवाल यह है कि आरोपों की हकीकत क्या है और जांच में क्या सच सामने आएगा?
जमीन विवाद से शुरू हुई दुश्मनी
पीड़ित के अनुसार, उसका और BJP विधायक अंकुर राज तिवारी का पुराना परिचय रहा है। वह करीब सात–आठ साल तक विधायक के साथ जुड़ा रहा, लेकिन लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में जमीन को लेकर दोनों के बीच विवाद पैदा हो गया। इसी विवाद ने धीरे-धीरे रिश्तों को दुश्मनी में बदल दिया। पीड़ित का कहना है कि जमीन उसके नाम पर ली गई थी, लेकिन इसको लेकर लगातार दबाव और तनाव बना हुआ था।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि यह विवाद ही उसके साथ हुई कथित घटना की मुख्य वजह बना। उसका कहना है कि विधायक और उनके करीबी लोग पहले भी उसे धमकियां दे चुके थे, लेकिन उसने कभी नहीं सोचा था कि मामला इस हद तक पहुंच जाएगा। इस जमीन विवाद ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है, जिससे मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है।
रात में अपहरण और कथित बर्बरता का दावा
पीड़ित की आपबीती के मुताबिक, घटना उस समय हुई जब वह रात करीब 11 बजे दावत से लौट रहा था। रास्ते में दो काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ियों ने उसे ओवरटेक किया। आरोप है कि गाड़ियों में सवार लोगों ने पहले उससे बहस की और फिर जबरन उसे अपनी गाड़ी में बैठा लिया।
इसके बाद उसे गोरखपुर के सहजनवा इलाके में एक ईंट भट्ठे पर ले जाया गया, जहां उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। पीड़ित का दावा है कि मारपीट के दौरान वह कई बार बेहोश हुआ। उसने यह भी आरोप लगाया कि BJP विधायक खुद मौके पर मौजूद नहीं थे, लेकिन वीडियो कॉल के जरिए पूरी घटना देख रहे थे और अपने समर्थकों को निर्देश दे रहे थे।
पीड़ित के अनुसार, जब वह पूरी तरह टूट चुका था, तब उसे निर्वस्त्र कर उसका वीडियो बनाया गया। इतना ही नहीं, आरोप है कि विधायक के एक समर्थक ने उस पर पेशाब भी किया। पीड़ित का कहना है कि उसे मरा हुआ समझकर हाईवे किनारे फेंक दिया गया, जहां किसी तरह उसकी जान बच पाई।
परिवार का हंगामा, पुलिस जांच और विधायक का जवाब
घटना के बाद पीड़ित किसी तरह अपने घर पहुंचा और परिवार को पूरी बात बताई। इसके बाद परिजनों ने कोतवाली खलीलाबाद थाने पहुंचकर जमकर हंगामा किया। पीड़ित की मां ने भी BJP विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बेटे को जान से मारने की कोशिश की गई और सड़क पर फेंक दिया गया।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामला जमीन विवाद से जुड़ा मारपीट का है और पीड़ित की शिकायत पर जांच शुरू कर दी गई है। अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत में एक जनप्रतिनिधि का नाम सामने आया है और पूरे मामले की जांच सीओ सिटी को सौंपी गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, बीजेपी विधायक अंकुर राज तिवारी ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि यह उन्हें बदनाम करने की साजिश है और उनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। विधायक ने दावा किया कि सच्चाई जांच के बाद सामने आ जाएगी। अब इस पूरे मामले पर सभी की नजरें पुलिस जांच पर टिकी हैं, क्योंकि यही तय करेगी कि आरोप सच हैं या राजनीतिक रंजिश का नतीजा।
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