रणजी ट्रॉफी 2025-26 में मुंबई के स्टार बल्लेबाज सरफराज खान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि घरेलू क्रिकेट में उनका कोई मुकाबला नहीं है। छठे राउंड में मुंबई और हैदराबाद के बीच खेले जा रहे मुकाबले में मुंबई की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। टीम 82 रन पर अपने 3 विकेट गंवा चुकी थी और ड्रेसिंग रूम में दबाव साफ महसूस किया जा सकता था। ऐसे समय पर सरफराज खान मैदान पर आए और उन्होंने अपनी पारी की शुरुआत बेहद समझदारी के साथ की। पहले उन्होंने खुद को सेट किया, विकेट पर समय बिताया और फिर धीरे-धीरे अपने शॉट्स खोलने शुरू किए।
सरफराज ने एक तरफ विकेट बचाया तो दूसरी तरफ स्कोरबोर्ड भी तेजी से आगे बढ़ाया। पहले दिन का खेल खत्म होने तक वह 142 रन बनाकर नाबाद लौटे और साफ संकेत दे दिया कि वह इस मैच में कुछ बड़ा करने वाले हैं। दूसरे दिन भी उनका अंदाज वैसा ही रहा—आत्मविश्वास से भरा हुआ और पूरी तरह नियंत्रण में। उन्होंने सिर्फ 206 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया और अंत में 219 गेंदों में 227 रनों की शानदार पारी खेली। इस यादगार पारी में 19 चौके और 9 छक्के शामिल रहे, जो बताता है कि उन्होंने रन बनाने के लिए हर मौके का पूरा फायदा उठाया।
मुंबई का स्कोर 560 तक पहुंचा, हैदराबाद की रणनीति हुई फेल
सरफराज खान की इस विस्फोटक पारी का सीधा असर मैच की दिशा पर दिखा। जब वह क्रीज पर थे, हैदराबाद के गेंदबाज लगातार बैकफुट पर नजर आए। सरफराज ने स्पिन हो या तेज गेंदबाजी, दोनों के खिलाफ शानदार संतुलन दिखाया। उन्होंने सिर्फ बड़े शॉट्स पर भरोसा नहीं किया, बल्कि गैप ढूंढकर सिंगल-डबल भी निकाले, जिससे गेंदबाजों पर दबाव बना रहा।
सरफराज के आउट होने के बाद ही हैदराबाद के गेंदबाजों ने राहत की सांस ली, क्योंकि तब तक मुंबई मैच में मजबूत पकड़ बना चुका था। उनकी पारी की बदौलत मुंबई ने पहली पारी में 560 रन का बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया। यह स्कोर किसी भी रणजी मैच में विपक्षी टीम के लिए मुश्किल चुनौती बन जाता है। खास बात यह रही कि हैदराबाद की कप्तानी कर रहे भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के लिए यह मुकाबला उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। इस मैच में सिराज को सिर्फ 1 विकेट मिला, जबकि टीम उनसे बड़े ब्रेकथ्रू की उम्मीद कर रही थी। मुंबई का इतना बड़ा स्कोर इस बात का संकेत है कि टीम ने दबाव वाली शुरुआत के बाद शानदार वापसी की और उसमें सरफराज खान की भूमिका सबसे बड़ी रही।
पांचवां दोहरा शतक
रणजी ट्रॉफी 2025-26 का यह मुकाबला सरफराज खान के करियर में सिर्फ एक और बड़ी पारी नहीं रहा, बल्कि यह उनके रिकॉर्ड में एक नया चमकदार अध्याय बनकर जुड़ गया। इस दोहरे शतक के साथ उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना पांचवां दोहरा शतक पूरा कर लिया है। यह आंकड़ा बताता है कि सरफराज सिर्फ एक-दो मैचों के खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि लंबे समय तक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं, जो बड़ी पारियां खेलने की क्षमता रखते हैं।
इतना ही नहीं, इस पारी के दौरान सरफराज ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 5000 रन का आंकड़ा भी पार कर लिया। 28 वर्षीय सरफराज अब तक 61 मैचों की 91 पारियों में 5090 रन बना चुके हैं और उनका औसत 64 से ज्यादा का रहा है। उनके नाम 17 शतक और 16 अर्धशतक दर्ज हैं, जो यह दिखाता है कि वह लगातार बड़े स्कोर बनाने में माहिर हैं। मौजूदा रणजी सीजन में भी उनका प्रदर्शन शानदार बताया जा रहा है। खबरों के मुताबिक उन्होंने इस सीजन की 8 पारियों में 400 से ज्यादा रन बना लिए हैं और उनका औसत 55 से ऊपर रहा है। ऐसे आंकड़े किसी भी बल्लेबाज को खास बना देते हैं और यही वजह है कि सरफराज का नाम फिर से चर्चा के केंद्र में आ गया है।
टीम इंडिया में वापसी का मौका?
सरफराज खान ने भारतीय टीम के लिए आखिरी बार नवंबर 2024 में टेस्ट मैच खेला था, लेकिन इसके बाद से उन्हें टीम में नियमित मौके नहीं मिले। हालांकि घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है। विजय हजारे ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और अब रणजी ट्रॉफी 2025-26 में उनके बल्ले से लगातार रन निकल रहे हैं, जिससे चयनकर्ताओं पर दबाव जरूर बढ़ेगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस दोहरे शतक के बाद सरफराज की टीम इंडिया में वापसी हो पाएगी? क्रिकेट में कई बार प्रदर्शन के बावजूद खिलाड़ी को मौके नहीं मिलते, लेकिन सरफराज जिस तरह कठिन परिस्थितियों में आकर मैच पलट देते हैं, वह उन्हें खास बनाता है। रणजी ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट में इस तरह का दोहरा शतक बताता है कि खिलाड़ी सिर्फ घरेलू स्तर पर नहीं, बल्कि बड़े मंच के लिए भी तैयार है। आने वाले दिनों में अगर सरफराज इसी तरह रन बनाते रहे, तो चयनकर्ताओं के लिए उन्हें नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा। फैंस भी अब यही उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार उनके प्रदर्शन का सही इनाम मिलेगा और वह जल्द ही भारतीय टीम में फिर से नजर आएंगे।
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