तेलंगाना के करीमनगर जिले में सामने आया हनी ट्रैप का यह मामला सोशल मीडिया के खतरनाक इस्तेमाल की एक चौंकाने वाली तस्वीर पेश करता है. यहां इंस्टाग्राम के जरिए युवकों और कारोबारियों को फंसाकर ब्लैकमेल करने वाले पति‑पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस दंपती ने अलग‑अलग इलाकों के करीब 100 से ज्यादा लोगों को अपने जाल में फंसाया. पुलिस के अनुसार आरोपी महिला इंस्टाग्राम पर अश्लील और भड़काऊ तस्वीरें पोस्ट करती थी, जिन पर आकर्षित होकर लोग संपर्क करते थे. धीरे‑धीरे बातचीत आगे बढ़ाई जाती और भरोसा कायम करने के बाद उन्हें मिलने के लिए बुलाया जाता. इस पूरे नेटवर्क को बेहद शातिर तरीके से चलाया जा रहा था, ताकि किसी को शक न हो. पुलिस को लंबे समय से इस तरह की शिकायतों के संकेत मिल रहे थे, लेकिन पुख्ता सबूत एक पीड़ित की शिकायत के बाद सामने आए, जिसने आखिरकार चुप्पी तोड़ने का फैसला किया.
आर्थिक तंगी से अपराध तक का सफर
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी मूल रूप से मंचेरियल के रहने वाले हैं. दोनों मार्बल और इंटीरियर वर्क के कारोबार से जुड़े थे, लेकिन लगातार नुकसान झेलने के बाद आर्थिक संकट में फंस गए. पुलिस के मुताबिक जल्दी और आसान पैसा कमाने की चाहत ने उन्हें अपराध के रास्ते पर धकेल दिया. इसके बाद वे करीमनगर आ गए और अरेपल्ली इलाके के एक अपार्टमेंट में किराए पर रहने लगे. यहीं से उन्होंने अपने हनी ट्रैप ऑपरेशन की शुरुआत की. महिला के सोशल मीडिया अकाउंट को खास तौर पर इस तरह से तैयार किया गया था कि वह ज्यादा से ज्यादा लोगों का ध्यान खींच सके. दोस्ती, चैट और वीडियो कॉल के जरिए पीड़ितों का भरोसा जीता जाता और फिर उन्हें अकेले मिलने के लिए बुलाया जाता. बाहर से देखने पर यह सब सामान्य मुलाकात जैसा लगता था, लेकिन अंदर ही अंदर एक बड़ी साजिश रची जा रही थी.
गुप्त रिकॉर्डिंग और ब्लैकमेल का खौफनाक तरीका
पुलिस के अनुसार जैसे ही कोई व्यक्ति अपार्टमेंट में आता, दंपती पहले सामान्य बातचीत करता और माहौल को सहज बनाता. इसके बाद छिपे हुए कैमरों या मोबाइल फोन के जरिए पीड़ित के अश्लील फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए जाते. कई मामलों में पीड़ितों को इसका अंदाजा तक नहीं होता था. रिकॉर्डिंग के बाद असली खेल शुरू होता. पीड़ितों को धमकी दी जाती कि अगर उन्होंने मोटी रकम नहीं दी तो ये तस्वीरें और वीडियो उनके परिवार, दोस्तों और जान‑पहचान वालों को भेज दिए जाएंगे. समाज में बदनामी के डर से ज्यादातर लोग चुपचाप पैसे देते चले गए. पुलिस का कहना है कि इसी डर का फायदा उठाकर आरोपियों ने लाखों रुपये वसूले. कई पीड़ित मानसिक तनाव में चले गए और किसी से अपनी आपबीती साझा करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए.
12 लाख की वसूली से खुली पोल, पुलिस की अपील
इस पूरे मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब एक पीड़ित से 12 लाख रुपये वसूलने के बाद भी आरोपी नहीं रुके. उन्होंने उसी व्यक्ति से 5 लाख रुपये और मांगते हुए जान से मारने की धमकी दी. डर और दबाव के चलते पीड़ित ने आखिरकार अपने परिवार को पूरी बात बताई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलते ही करीमनगर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दंपती को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में सामने आया कि वसूली की रकम से उन्होंने कार, फ्रिज, एसी, सोफा और अन्य महंगे घरेलू सामान खरीदे थे. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह से और कितने लोग जुड़े हो सकते हैं. साथ ही उन सभी पीड़ितों से सामने आने की अपील की गई है, जो अब तक बदनामी के डर से चुप हैं. पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी है, ताकि अपराधियों को रोका जा सके और सोशल मीडिया के इस खतरनाक जाल से लोगों को बचाया जा सके.
Read more-संगम पर टूटा आस्था का रिकॉर्ड! मौनी अमावस्या पर उमड़ा जनसैलाब, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
