बिजली चोरी के खिलाफ अभियान को और तेज करते हुए बिजली विभाग ने बुधवार देर रात ऐसा कदम उठाया, जिसने पूरे गांव में हड़कंप मचा दिया। तहसीलदार सदर डॉ. अतुल सेन सिंह और अधिशासी अभियंता यादवेंद्र यादव के नेतृत्व में विभागीय टीम ने परसेहरा गांव में रात्रि चेकिंग अभियान चलाया। आमतौर पर दिन में होने वाली जांच से बचने के लिए कई लोग रात के अंधेरे में बिजली चोरी करते हैं, इसी को ध्यान में रखते हुए यह अचानक छापा मारा गया। टीम जैसे ही गांव में दाखिल हुई, कई घरों में जलती लाइटें अधिकारियों की नजर में आ गईं, जबकि रिकॉर्ड के अनुसार इन घरों के कनेक्शन पहले ही काटे जा चुके थे। जब जांच आगे बढ़ी तो साफ हो गया कि कनेक्शन कटने के बाद भी अवैध तरीके से लाइन जोड़कर बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस अप्रत्याशित कार्रवाई से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई लोग अपने घरों से बाहर तक नहीं निकले।
कटे कनेक्शन के बाद भी जल रही थी लाइट
रात्रि चेकिंग के दौरान टीम को कई ऐसे उपभोक्ता मिले, जिन्होंने बिना बिजली बिल जमा किए कनेक्शन कटने के बाद दोबारा अवैध रूप से लाइन जोड़ ली थी। जांच में सामने आया कि सरला शुक्ल, धर्मेंद्र कुमार, राम नरेश, गंगाराम और चंद्रशेखर के घरों में बिजली पूरी तरह चालू थी, जबकि आधिकारिक तौर पर इनके कनेक्शन पहले ही डिस्कनेक्ट किए जा चुके थे। अधिकारियों ने मौके पर ही मीटर, तार और कनेक्शन की स्थिति की जांच की, जिसमें बिजली चोरी की पुष्टि हुई। इसके बाद सभी के खिलाफ विद्युत अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। अधिकारियों का कहना है कि बिजली चोरी सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि इससे ईमानदार उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। यही वजह है कि अब ऐसे मामलों में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुबह होते ही मॉर्निंग रेड, कटिया लगाकर जल रही थी बिजली
रात की कार्रवाई के बाद भी विभाग की टीम यहीं नहीं रुकी। अगली सुबह विजिलेंस टीम के साथ गांव में मॉर्निंग रेड की गई, ताकि यह देखा जा सके कि कहीं और भी बिजली चोरी तो नहीं हो रही है। इस दौरान टीम को राम भजन, अखिलेश, रानी, कृष्ण कुमार और बदलू बिना किसी वैध कनेक्शन के कटिया लगाकर बिजली का उपयोग करते हुए मिले। कहीं सीधे पोल से तार डालकर तो कहीं पड़ोसी लाइन से चोरी की जा रही थी। अधिकारियों ने मौके पर ही सभी अवैध कनेक्शन हटवाए और इनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया। मॉर्निंग रेड के दौरान कई ग्रामीणों ने टीम को देखकर अपने घरों की लाइट बंद कर ली, लेकिन जांच में कई स्थानों पर चोरी पकड़ में आ ही गई। अधिकारियों ने साफ किया कि अब सिर्फ शिकायत के आधार पर नहीं, बल्कि नियमित रूप से गांव-गांव जाकर इस तरह की जांच की जाएगी।
बकाएदारों को राहत योजना की दी गई सलाह
इस कार्रवाई के बाद अधिशासी अभियंता यादवेंद्र यादव ने बकाएदार उपभोक्ताओं से अपील की कि वे बिजली चोरी जैसे गलत रास्ते पर जाने के बजाय बिजली बिल राहत योजना का लाभ उठाएं। उन्होंने बताया कि जिन उपभोक्ताओं पर बिजली का बकाया है, वे इस योजना में पंजीकरण कराकर किश्तों में अपना बकाया बिल जमा कर सकते हैं। इससे न केवल कानूनी कार्रवाई से बचा जा सकता है, बल्कि बिजली आपूर्ति भी नियमित बनी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि सरकार का उद्देश्य लोगों को परेशान करना नहीं, बल्कि बिजली चोरी रोककर व्यवस्था को सुधारना है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान उपखंड अधिकारी नगर रवि गौतम, द्वितीय हिमांशू पटेल, अवर अभियंता रवि गुप्ता, राकेश सिंह सहित अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे। विभाग ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में ऐसे छापे और तेज होंगे और बिजली चोरी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
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