वेनेजुएला में अमेरिका की अचानक हुई सैन्य कार्रवाई ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस ऑपरेशन के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने मामले को और भी सनसनीखेज बना दिया। ट्रंप ने दावा किया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को उन्होंने लाइव देखा, और यह किसी टीवी शो की तरह लग रहा था। ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई किसी दबाव में नहीं की गई, बल्कि यह एक रणनीतिक और सुनियोजित फैसला था। वेनेजुएला लंबे समय से अमेरिका के निशाने पर रहा है, लेकिन इस बार की कार्रवाई को अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली घटना माना जा रहा है।
ट्रंप का दावा—चार दिन से चल रही थी तैयारी
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि इस पूरे ऑपरेशन की तैयारी चार दिनों से चल रही थी और सही मौके का इंतजार किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि मादुरो को अमेरिका लाने की योजना पहले से तय थी और यह कार्रवाई दुनिया को यह संदेश देने के लिए थी कि अमेरिका अपने फैसलों में स्वतंत्र है। ट्रंप के अनुसार, वेनेजुएला में लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध तेल व्यापार चल रहा था, जिसे रोकना जरूरी था। ट्रंप ने यह भी कहा कि मादुरो को कई मौके दिए गए थे, लेकिन जब कोई सुधार नहीं हुआ तो यह कदम उठाना पड़ा। उनके बयान से साफ है कि अमेरिका इस कार्रवाई को एक उदाहरण के तौर पर पेश करना चाहता है, ताकि दूसरे देश भी चेतावनी समझ सकें।
जेडी वेंस का बयान—‘मादुरो के पास थे कई विकल्प’
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने मादुरो को पहले ही कई विकल्प दिए थे। वेंस के अनुसार, अमेरिका चाहता था कि वेनेजुएला मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाए और कथित रूप से चोरी किए गए तेल को वापस करे। लेकिन जब इन शर्तों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तब सैन्य कार्रवाई अंतिम विकल्प के रूप में अपनाई गई। वेंस ने यह भी स्पष्ट किया कि यह ऑपरेशन सिर्फ वेनेजुएला के खिलाफ नहीं था, बल्कि उन सभी नेटवर्क्स के खिलाफ था जो अवैध गतिविधियों में शामिल थे। अमेरिका का दावा है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध कारोबार पर बड़ा असर पड़ेगा।
चीन की कड़ी प्रतिक्रिया और बढ़ता वैश्विक तनाव
अमेरिका की इस सैन्य कार्रवाई पर चीन ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। चीन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि एक संप्रभु देश के राष्ट्रपति के खिलाफ की गई यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। चीन का कहना है कि अमेरिका का यह कदम लैटिन अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए खतरा बन सकता है। चीन ने अमेरिका से अपील की है कि वह दूसरे देशों की संप्रभुता और सुरक्षा का सम्मान करे। इस बयान के बाद साफ है कि यह मामला सिर्फ अमेरिका और वेनेजुएला तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक राजनीति में नए तनाव की वजह बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
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