अमेरिका से आया एक पत्र एक बार फिर भारत की राजनीति में हलचल का कारण बन गया है। जेएनयू के पूर्व छात्र और यूएपीए के तहत आरोपी उमर खालिद को लेकर न्यूयॉर्क के नए मेयर जोहरान ममदानी और कुछ अमेरिकी सांसदों द्वारा लिखी गई चिट्ठी के बाद भारतीय जनता पार्टी आक्रामक हो गई है। बीजेपी ने इस पूरे घटनाक्रम को भारत की आंतरिक न्यायिक प्रक्रिया में विदेशी हस्तक्षेप बताते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को सीधे निशाने पर लिया है। पार्टी का आरोप है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को कटघरे में खड़ा करने की एक संगठित कोशिश चल रही है। इस पत्र को बीजेपी केवल मानवीय चिंता नहीं, बल्कि भारत की चुनी हुई सरकार और उसके कानूनों को बदनाम करने का प्रयास बता रही है। इसी वजह से यह मुद्दा तेजी से राष्ट्रीय बहस में बदल गया है।
Rahul Gandhi और अमेरिकी सांसदों की मुलाकात पर उठे सवाल
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने 2024 में अमेरिका में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और अमेरिकी सांसद जेन शाकोव्स्की की मुलाकात का जिक्र किया। पोस्ट में दावा किया गया कि उस मुलाकात के दौरान इल्हान उमर भी मौजूद थीं, जिन्हें बीजेपी भारत विरोधी रुख से जोड़ती है। प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि जनवरी 2025 में शाकोव्स्की ने अंतरराष्ट्रीय इस्लामोफोबिया से जुड़े एक प्रस्ताव को आगे बढ़ाया, जिसमें भारत का नाम सीधे तौर पर शामिल किया गया। बीजेपी का कहना है कि अब 2026 में वही सांसद भारत सरकार को पत्र लिखकर उमर खालिद के मामले में चिंता जता रही हैं। पार्टी इसे एक पैटर्न बता रही है, जहां भारत की न्याय प्रणाली और आतंकवाद विरोधी कानूनों पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की कोशिश हो रही है।
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने उमर खालिद के लिए क्या लिखा
न्यूयॉर्क के नए मेयर जोहरान ममदानी ने तिहाड़ जेल में बंद उमर खालिद को एक पत्र लिखा, जो उनके शपथ ग्रहण के दिन ही सार्वजनिक हुआ। इस पत्र में ममदानी ने उमर खालिद और उनके परिवार से हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए उनकी कानूनी स्थिति पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में असहमति की आवाज को सुना जाना चाहिए। हालांकि भारत में इस पत्र को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को भाजपा ने घेरा है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि उमर खालिद पर दिल्ली दंगों और हिंसा से जुड़े गंभीर आरोप हैं और मामला अदालत में विचाराधीन है। ऐसे में किसी विदेशी जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह का पत्र लिखना भारत की संप्रभुता और न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।
HOW THE RAHUL GANDHI – ANTI INDIA LOBBY WORKS?
2024:
Jan Schakowsky meets Rahul Gandhi in the United States — along with Anti India Ilhan Omar.
January 2025:
She reintroduces the “Combating International Islamophobia Act”, explicitly naming India and alleging “crackdowns on… pic.twitter.com/1ly4te2Bds
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) January 2, 2026
बीजेपी बनाम कांग्रेस: विदेशी दखल पर आमने-सामने
इस पूरे विवाद के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच टकराव और तेज हो गया है। बीजेपी का आरोप है कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और कांग्रेस पार्टी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के खिलाफ बोलने वालों के साथ खड़े नजर आते हैं, जिससे देश की छवि को नुकसान पहुंचता है। पार्टी का कहना है कि इससे आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति कमजोर करने की कोशिश होती है। वहीं, कांग्रेस की ओर से इस मामले में अभी तक कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन पार्टी पहले भी ऐसे आरोपों को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बता चुकी है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है क्योंकि इसमें विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और विपक्ष की भूमिका जैसे संवेदनशील सवाल जुड़े हुए हैं।
