Monday, February 2, 2026
Homeदेशसिर्फ एक हाथ मिलाना… और पाकिस्तान ने बना डाली ‘डिप्लोमैटिक जीत’, भारत...

सिर्फ एक हाथ मिलाना… और पाकिस्तान ने बना डाली ‘डिप्लोमैटिक जीत’, भारत ने झटके में उतार दिया जोश

ढाका में खालिदा जिया के अंतिम संस्कार के दौरान एस जयशंकर और पाक संसद स्पीकर के हाथ मिलाने को पाकिस्तान ने बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया, लेकिन भारत ने साफ कर दिया कि यह केवल शिष्टाचार था, कोई बातचीत नहीं।

-

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार का माहौल पूरी तरह शोकपूर्ण था। दुनिया के कई देशों के नेता और प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसी दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर की पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज सादिक से कुछ सेकंड की औपचारिक मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और आगे बढ़ गए। यह दृश्य पूरी तरह कूटनीतिक शिष्टाचार के दायरे में था, जैसा कि अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में अक्सर देखने को मिलता है। लेकिन पाकिस्तान में इस साधारण घटना को लेकर अचानक राजनीतिक और मीडिया हलचल तेज हो गई। कुछ ही घंटों में इस हाथ मिलाने को भारत-पाक संबंधों में ‘नया मोड़’ बताने की कोशिश शुरू कर दी गई।

पाकिस्तान ने खुद की पीठ थपथपाई

पाकिस्तान ने इस शिष्टाचार भेंट को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हुए इसे मई 2025 के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच पहली ‘महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय मुलाकात’ करार दे दिया। पाकिस्तानी बयानों में कहा गया कि यह संकेत है कि दोनों देश बातचीत और शांति की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। कुछ पाक मीडिया चैनलों और राजनीतिक विश्लेषकों ने तो इसे भारत की तरफ से ‘पिघलते रिश्तों’ का इशारा तक बता दिया। पाकिस्तान ने यह भी दोहराया कि वह हमेशा भारत से बातचीत के लिए तैयार रहा है और ऐसे मौके भविष्य में संबंध सुधार सकते हैं। हालांकि, इन दावों में यह नहीं बताया गया कि न तो कोई औपचारिक बातचीत हुई, न ही किसी मुद्दे पर चर्चा का एजेंडा था।

भारत का दो टूक जवाब

पाकिस्तान के दावों के बाद भारत की ओर से स्थिति बिल्कुल साफ कर दी गई। भारतीय अधिकारियों ने कहा कि यह मुलाकात केवल एक शोक कार्यक्रम के दौरान हुई औपचारिक शिष्टाचार थी। न तो इसमें किसी तरह की द्विपक्षीय बातचीत हुई और न ही इसे किसी कूटनीतिक पहल के रूप में देखा जाना चाहिए। भारत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस तरह का व्यवहार सामान्य कूटनीतिक मर्यादा का हिस्सा होता है। हाथ मिलाना या अभिवादन किसी राजनीतिक संदेश का संकेत नहीं होता। भारतीय पक्ष ने यह भी कहा कि पाकिस्तान बार-बार ऐसे छोटे घटनाक्रमों को गलत संदर्भ में पेश कर खुद ही भ्रम की स्थिति पैदा करता है, जो वास्तविकता से दूर है।

पाकिस्तान के दोहरे रवैये पर सवाल

भारत ने पाकिस्तान के दोहरे रवैये पर भी सवाल उठाए। भारतीय अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान एक ओर विदेशों में शांति और बातचीत की बातें करता है, वहीं दूसरी ओर सीमा पार आतंकवाद, उकसावे वाली बयानबाजी और भारत विरोधी गतिविधियां जारी रहती हैं। ऐसे में शोक के अवसर पर हुई एक मर्यादित और औपचारिक मुलाकात को ‘डिप्लोमैटिक ब्रेकथ्रू’ बताना न केवल गलत है, बल्कि संवेदनहीन भी है। भारत का रुख साफ है कि जब तक जमीन पर हालात नहीं बदलते और आतंकवाद पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक किसी भी प्रतीकात्मक घटना को बड़े राजनीतिक संकेत के रूप में नहीं देखा जा सकता। भारत ने यह भी दोहराया कि शोक और सम्मान के मौके पर राजनीति करना किसी भी तरह से उचित नहीं है।

Read More-अमेठी में कांग्रेस पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष के कॉलेज में बड़ा खुलासा: नकली उर्वरक और कीटनाशक बनाने का धंधा पकड़ा गया!

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts