अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) सिटी गर्ल्स हाईस्कूल की कक्षा-9 की छात्राओं हुमैरा, फौजिया और उमरा रियाज ने सड़क सुरक्षा और शराब पीकर वाहन चलाने पर लगाम लगाने के लिए एक अनोखा स्मार्ट हेलमेट तैयार किया है। यह हेलमेट चालक की सांस में शराब का पता लगाता है और तुरंत वाहन का इंजन ब्लॉक कर देता है।
हेलमेट को बाइक के इलेक्ट्रिक सर्किट से जोड़ा गया है। जैसे ही हेलमेट का सेंसर शराब की गंध महसूस करता है, बाइक का सर्किट पूरा नहीं होता और वाहन स्टार्ट नहीं होता। इस प्रकार यह नवाचार न केवल युवाओं और आम जनता को सड़क दुर्घटनाओं से बचाने में मदद करता है, बल्कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर भी कड़ा संदेश देता है।
हेलमेट का तकनीकी विवरण और कार्यप्रणाली
छात्राओं ने इस डिवाइस को दो मुख्य भागों में तैयार किया है। पहला सेंसर पार्ट, जो हेलमेट के अंदर फिट किया गया है और चालक की सांस से अल्कोहल का पता लगाता है। दूसरा सर्किट पार्ट, जो बाइक के इलेक्ट्रिक सर्किट से जुड़ा होता है।
जब सेंसर शराब की गंध महसूस करता है, तो सर्किट को ब्लॉक कर देता है। इस वजह से बाइक का इंजन स्टार्ट नहीं होता। इस तरह यह डिवाइस सड़क पर शराब पीकर वाहन चलाने वालों के लिए प्रभावी रोकथाम का काम करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के नवाचार तकनीकी और सामाजिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर छात्राओं को मिला सम्मान
छात्राओं ने अपने इस मॉडल को अंतरराष्ट्रीय इंटर-स्कूल प्रतियोगिता ‘स्कोबरेशन 2025’ में पेश किया। इस प्रतियोगिता में दुबई, ओमान, कतर और भारत के विभिन्न स्कूलों के छात्र भाग ले रहे थे। प्रतियोगिता में एएमयू छात्राओं का मॉडल सांत्वना पुरस्कार और 1000 रुपये की नकद राशि प्राप्त करने में सफल रहा।
प्रतियोगिता में जजों ने कहा कि यह हेलमेट सड़क सुरक्षा और युवा नवाचार का बेहतरीन उदाहरण है। छात्राओं की इस पहल को भविष्य में बड़े पैमाने पर वाहन सुरक्षा उपायों में शामिल किए जाने की संभावना भी जताई गई। इस पुरस्कार ने न केवल छात्राओं का हौसला बढ़ाया, बल्कि उन्हें और नवाचार करने की प्रेरणा भी दी।
नवाचार से भविष्य की सड़क सुरक्षा में सुधार
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे स्मार्ट हेलमेट सड़क पर होने वाले हादसों को काफी हद तक कम कर सकते हैं। यह तकनीक युवाओं में जागरूकता पैदा करने के साथ-साथ वाहन चलाते समय सुरक्षा नियमों का पालन भी सुनिश्चित करती है।
हुमैरा, फौजिया और उमरा रियाज ने कहा कि उनका लक्ष्य केवल इनोवेशन करना नहीं है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को रोककर समाज में जागरूकता फैलाना भी है। उनका मानना है कि तकनीक और नवाचार के माध्यम से सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सकता है, और भविष्य में इस तरह के उपकरण और भी विकसित किए जा सकते हैं।
