Saturday, February 7, 2026
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भारतीय सेना का सख्त नियम! टैटू और लंबे बाल पर क्यों है बैन, ये कारण जानकर आप हैरान रह जाएंगे

भारतीय सेना में टैटू और लंबे बाल पर सख्त बैन क्यों है? जानें सेना के नियम, सुरक्षा कारण, अनुशासन और किन्हें मिलती है छूट। पूरी जानकारी पढ़ें।

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भारतीय सेना में टैटू पर प्रतिबंध सिर्फ दिखावे या फैशन की वजह से नहीं है। इसका मुख्य कारण सैनिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा और अनुशासन है। सेना का मानना है कि अगर टैटू गैर-स्टेरलाइज्ड सुइयों से बनाया गया तो इससे गंभीर बीमारियां जैसे एचआईवी, हेपेटाइटिस और स्किन इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। सैनिक अक्सर मुश्किल और सीमित मेडिकल सुविधाओं वाले माहौल में काम करते हैं, इसलिए मामूली संक्रमण भी ऑपरेशनल जोखिम में बदल सकता है।

साथ ही, सेना में अनुशासन और एकरूपता को अत्यधिक महत्व दिया जाता है। बड़े या दिखने वाले टैटू व्यक्तिगत पहचान को दर्शाते हैं, जबकि सेना एक सामूहिक पहचान पर जोर देती है। हालांकि, कुछ छूट मौजूद है।न धार्मिक प्रतीक या छोटे नाम के टैटू को कलाई और कोहनी के पीछे बनाना अनुमत है। आदिवासी उम्मीदवारों को उनकी पारंपरिक प्रथाओं के अनुसार टैटू की छूट भी दी जा सकती है।

लंबे बालों पर बैन: सुरक्षा और युद्ध तैयारी

सेना में लंबे बाल रखने पर रोक का कारण सुरक्षा और युद्ध की तैयारी है। युद्ध और ऑपरेशन की स्थिति में सैनिकों को हेलमेट, गैस मास्क और अन्य सुरक्षात्मक उपकरण पहनने होते हैं। लंबे बाल इन उपकरणों की फिटिंग में बाधा डाल सकते हैं और सुरक्षा में सेंध लगा सकते हैं। इसके अलावा, लड़ाई के दौरान लंबे बाल दुश्मन के लिए एक कमजोर बिंदु बन सकते हैं, क्योंकि आसानी से पकड़ लिए जा सकते हैं।

इसलिए सेना में बाल हमेशा छोटे और सुव्यवस्थित रखने की सलाह दी जाती है। यह नियम केवल सुरक्षा ही नहीं बल्कि युद्ध की तत्परता और संचालन में प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए भी बनाया गया है।

किन्हें मिलती है छूट और क्यों

सेना धार्मिक और ऑपरेशनल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कुछ छूट देती है। सिख धर्म के अनुयायियों को अपने धर्म के हिस्से के रूप में लंबे बाल और दाढ़ी रखने की अनुमति दी जाती है। यह सिख धर्म के पांच ‘क’ में शामिल है।

कुछ विशेष मामलों में, जैसे कि स्पेशल फोर्सेज के जवानों को भी लंबे बाल और दाढ़ी बढ़ाने की जरूरत हो सकती है। यह आमतौर पर गुप्त या अंडरकवर मिशन के दौरान पहचान छुपाने और मिशन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है। इस तरह के मामलों में ऑपरेशन और धर्म की जरूरतों को संतुलित किया जाता है।

नियमों का महत्व और जवानों की जिम्मेदारी

भारतीय सेना में टैटू और लंबे बाल पर बैन सिर्फ नियम नहीं है, बल्कि यह सैनिकों की सुरक्षा, अनुशासन और मिशन सफलता के लिए जरूरी है। सेना में एकरूपता और सामूहिक पहचान बनाए रखने से ही ऑपरेशन में एकजुटता और सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

जवानों के लिए यह समझना जरूरी है कि यह नियम व्यक्तिगत पसंद को दबाने के लिए नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और देश की रक्षा के लिए बनाए गए हैं। वहीं, धार्मिक और ऑपरेशनल जरूरतों को मानकर कुछ छूट भी दी जाती है, जिससे जवानों की व्यक्तिगत आस्था और ऑपरेशन की जरूरत दोनों पूरी हो सकें।

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