बांग्लादेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा हलचल भरा मोड़ देखने को मिला है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान करीब 17 साल बाद लंदन से सीधे ढाका लौट आए हैं। साल 2008 में देश छोड़ने वाले तारिक रहमान की यह वापसी केवल एक निजी यात्रा नहीं, बल्कि इसे आगामी आम चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है। तारिक रहमान पूर्व प्रधानमंत्री और BNP प्रमुख खालिदा जिया के बेटे हैं और पार्टी की रणनीति तय करने में उन्हें सबसे अहम चेहरा माना जाता है। उनकी वापसी ऐसे समय पर हुई है जब बांग्लादेश में राजनीतिक माहौल पहले से ही तनावपूर्ण बना हुआ है और 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव नजदीक हैं।
तारिक रहमान अपनी पत्नी, बेटी और यहां तक कि अपनी पालतू बिल्ली के साथ ढाका पहुंचे। यह दृश्य भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। लंबे समय से विदेश में रहने के बाद उनकी अचानक वापसी ने न केवल BNP समर्थकों में उत्साह भर दिया है, बल्कि सत्तारूढ़ दल और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर नजर रखने वालों की निगाहें भी बांग्लादेश पर टिक गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा तारिक रहमान की सक्रिय राजनीति में औपचारिक वापसी का संकेत है।
एयरपोर्ट से सड़कों तक समर्थकों का सैलाब
ढाका पहुंचते ही तारिक रहमान का जोरदार स्वागत किया गया। एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक BNP समर्थकों की भारी भीड़ देखने को मिली। पार्टी के झंडे, पोस्टर और नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। समर्थकों ने इसे “नई शुरुआत” करार दिया और तारिक रहमान को भविष्य का नेतृत्वकर्ता बताया। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया और उन्हें प्रधानमंत्री स्तर की सुरक्षा मुहैया कराई गई।
एयरपोर्ट से बाहर निकलने के बाद तारिक रहमान कुछ देर जमीन पर नंगे पैर खड़े रहे, जिसे कई लोग भावनात्मक और प्रतीकात्मक कदम के तौर पर देख रहे हैं। इसके बाद वे बुलेटप्रूफ बस के जरिए कार्यक्रम स्थल की ओर रवाना हुए। इस दौरान ढाका की सड़कों पर उत्साह और तनाव दोनों का माहौल देखने को मिला। हाल ही में छात्र नेता हादी की हत्या के बाद देश में माहौल गरमाया हुआ है, ऐसे में तारिक रहमान की मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
देश के नाम संबोधन और चुनावी रणनीति की तैयारी
स्थानीय समयानुसार शाम करीब 3 बजे तारिक रहमान देश के नाम संबोधन करेंगे। माना जा रहा है कि इस भाषण में वह न केवल आगामी चुनावों को लेकर BNP की रणनीति साझा करेंगे, बल्कि मौजूदा राजनीतिक हालात, कानून-व्यवस्था और हालिया हिंसा के मुद्दों पर भी खुलकर बोल सकते हैं। उनकी इस जनसभा पर भारत सहित कई पड़ोसी और पश्चिमी देशों की भी नजरें टिकी हुई हैं।
BNP के भीतर तारिक रहमान को चुनावी रणनीतिकार के रूप में जाना जाता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, वे जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने, युवा मतदाताओं को जोड़ने और सरकार विरोधी मुद्दों को धार देने पर फोकस कर सकते हैं। 17 साल बाद उनकी वापसी से पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश देखने को मिल रहा है और इसे चुनावी समीकरण बदलने वाला कदम माना जा रहा है।
बीमार मां से मुलाकात और भविष्य की औपचारिकताएं
ढाका पहुंचने के बाद तारिक रहमान सबसे पहले अपनी बीमार मां और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया से मिलने एवरकेयर (EverCare) अस्पताल पहुंचे। मां-बेटे की यह मुलाकात बेहद भावुक बताई जा रही है। खालिदा जिया लंबे समय से अस्वस्थ हैं और उनका इलाज चल रहा है। इसके बाद तारिक रहमान 27 दिसंबर को बांग्लादेश का वोटर बनने के लिए नेशनल NID कार्ड प्राप्त करेंगे, जो उनके राजनीतिक भविष्य के लिए एक अहम औपचारिक कदम माना जा रहा है।
BNP के कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर तारिक रहमान आने वाले दिनों में पार्टी की दिशा और दशा तय करने में केंद्रीय भूमिका निभाएंगे। उनकी वापसी से यह साफ हो गया है कि बांग्लादेश की राजनीति में अब मुकाबला और भी दिलचस्प होने वाला है। क्या 17 साल बाद लौटे तारिक रहमान सत्ता की तस्वीर बदल पाएंगे या यह वापसी सिर्फ एक राजनीतिक संदेश बनकर रह जाएगी—इसका जवाब आने वाला चुनाव देगा।
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