महाराष्ट्र के भिवंडी शहर में आज तड़के उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक लूम फैक्ट्री में अचानक भीषण आग भड़क उठी। यह घटना भिवंडी के पास खोनी गांव के सिद्धार्थ नगर इलाके में हुई, जहां सुबह के शांत माहौल को आग और धमाकों की आवाज़ों ने दहला दिया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, फैक्ट्री से पहले धुआं उठता दिखा और कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते आग की ऊंची-ऊंची लपटें आसमान में उठने लगीं, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। आसपास रहने वाले लोग घरों से बाहर निकल आए और तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। आग इतनी तेज थी कि उसे दूर से ही देखा जा सकता था।
आग की चपेट में आईं कई लूम फैक्ट्रियां
सिद्धार्थ नगर स्थित जिस लूम फैक्ट्री में आग लगी, वह कुछ ही देर में पूरी तरह जलकर खाक हो गई। आग का दायरा बढ़ता चला गया और पास में स्थित तीन अन्य लूम फैक्ट्रियां भी इसकी चपेट में आ गईं। इन फैक्ट्रियों में रखी महंगी मशीनरी, लूम, तैयार कपड़े और कच्चा माल पूरी तरह नष्ट हो गया। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, आग से करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। राहत की बात यह रही कि घटना के समय फैक्ट्री में कोई मजदूर मौजूद नहीं था, जिससे किसी की जान जाने की सूचना नहीं है। हालांकि, फैक्ट्री मालिकों के लिए यह आग एक बड़ा आर्थिक झटका बनकर सामने आई है। आग की तीव्रता को देखते हुए आसपास की फैक्ट्रियों को भी खाली कराया गया।
सिलेंडर ब्लास्ट से बिगड़े हालात
आग बुझाने का काम चल ही रहा था कि तभी फैक्ट्री के अंदर रखा एक बड़ा सिलेंडर अचानक फट गया। इस जोरदार सिलेंडर ब्लास्ट से मौके पर हड़कंप मच गया और आग और भी भयानक हो गई। धमाके की आवाज़ दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे अग्निशमन कर्मियों को भी पीछे हटना पड़ा। इस ब्लास्ट में फायर ब्रिगेड के जवान कांतिलाल गूजर घायल हो गए। उन्हें तुरंत भिवंडी के उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई है। सिलेंडर फटने के बाद आग बुझाने का काम कुछ समय के लिए और मुश्किल हो गया, लेकिन इसके बावजूद फायरफाइटर्स ने हालात पर काबू पाने की कोशिश जारी रखी।
भारी नुकसान, जांच में जुटा प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, हालांकि शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या गैस सिलेंडर से आग भड़कने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने फैक्ट्री मालिकों को नुकसान का आकलन करने और सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा उपायों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भिवंडी जैसे औद्योगिक क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं भविष्य में न हों, इसके लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत बताई जा रही है।
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