बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव इन दिनों बेहद खुश और भावुक नजर आ रहे हैं। वजह है उनके बेटे सार्थक रंजन का इंडियन प्रीमियर लीग में चयन। रविवार को जब पप्पू यादव अपने पैतृक गांव खुर्दा पहुंचे, तो वहां का नजारा किसी उत्सव से कम नहीं था। गांव में सुबह से ही बधाई देने वालों की भीड़ जुटने लगी थी। ढोल-नगाड़ों की आवाज, लोगों के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था। पप्पू यादव ने बेटे की इस उपलब्धि को सिर्फ अपने परिवार की नहीं, बल्कि पूरे इलाके की सफलता बताया। उन्होंने कहा कि जब गांव का बेटा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाता है, तो वह पूरे समाज के लिए गर्व की बात होती है। यही वजह रही कि इस खुशी को उन्होंने अकेले नहीं, बल्कि पूरे गांव और आसपास के लोगों के साथ साझा करने का फैसला किया।
खुद परोसा खाना
खुशी के इस मौके पर पप्पू यादव ने गांव में भव्य भोज का आयोजन कराया। भोज में दाल मखनी, चावल, दही और पूड़ी जैसे पारंपरिक और पसंदीदा व्यंजन परोसे गए। हजारों की संख्या में लोग इस भोज में शामिल हुए। खास बात यह रही कि सांसद खुद लोगों को भोजन परोसते हुए नजर आए। उन्होंने न केवल बड़े-बुजुर्गों, बल्कि बच्चों और महिलाओं से भी आत्मीयता से बात की। पप्पू यादव का कहना था कि यह सफलता तभी सार्थक है, जब इसकी खुशी समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। भोज के बाद उन्होंने गरीब और जरूरतमंद लोगों के बीच चादरों का वितरण भी किया। गांव के लोगों ने कहा कि खुर्दा की मिट्टी का लाल आज आईपीएल जैसे बड़े मंच पर पहुंचा है, इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है। कई बुजुर्गों ने इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताया।
आईपीएल मिनी ऑक्शन में केकेआर ने दिया मौका
सार्थक रंजन की इस सफलता के पीछे उनकी मेहनत और निरंतर अभ्यास की लंबी कहानी है। हाल ही में हुए आईपीएल मिनी ऑक्शन में कोलकाता नाइट राइडर्स ने सार्थक रंजन को 30 लाख रुपये के बेस प्राइस पर अपनी टीम में शामिल किया। अब वह आईपीएल में शाहरुख खान की टीम की ओर से खेलते हुए नजर आएंगे। सार्थक अब तक 2 फर्स्ट क्लास मैच और 5 टी20 मुकाबले खेल चुके हैं, जहां उन्होंने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। क्रिकेट जानकारों का मानना है कि अगर उन्हें सही मौके मिले, तो वह भविष्य में टीम के लिए अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। गांव और जिले के युवाओं में भी इस चयन के बाद क्रिकेट को लेकर नया उत्साह देखने को मिल रहा है। कई युवाओं ने कहा कि सार्थक की सफलता यह साबित करती है कि छोटे शहर और गांव से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।
पिता का भावुक बयान: बेटे की पहचान उसके काम से हो
अपने बेटे की सफलता पर पप्पू यादव भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि एक पिता के लिए इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है कि उसका बेटा अपने पैरों पर खड़ा हो और अपनी पहचान खुद बनाए। उन्होंने कहा, “हमारी यही दुआ है कि सार्थक बेहतर प्रदर्शन करे, आगे बढ़े और देश के लिए खेले। वह ऐसा खिलाड़ी बने कि उसकी पहचान से पप्पू यादव और रंजीत रंजन की पहचान हो, न कि इसके उलट।” सांसद ने यह भी कहा कि राजनीति और खेल दोनों में मेहनत, अनुशासन और संघर्ष जरूरी है। उन्होंने बेटे को हमेशा जमीन से जुड़ा रहने और अपनी जड़ों को न भूलने की सीख दी। पप्पू यादव के इस बयान को सुनकर मौजूद लोग भावुक हो गए और तालियों से उनका समर्थन किया। गांव वालों का कहना है कि यह केवल एक परिवार की खुशी नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है, जो लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
