SMAT 2026 Final: टीम इंडिया से काफी समय से बाहर चल रहे विकेटकीपर-बल्लेबाज इशान किशन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्लास पर फॉर्म की कोई बंदिश नहीं होती। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2026 के फाइनल में उन्होंने ऐसा तूफान मचाया कि क्रिकेट इतिहास में उसका नाम हमेशा के लिए दर्ज हो गया। गुरुवार को पुणे में खेले गए खिताबी मुकाबले में झारखंड के कप्तान इशान किशन ने हरियाणा के खिलाफ सिर्फ 45 गेंदों में शतक ठोक दिया। यह सिर्फ एक पारी नहीं थी, बल्कि उन तमाम आलोचकों के लिए जवाब थी, जो मान चुके थे कि इशान अब बड़े मंच के खिलाड़ी नहीं रहे। उनकी इस पारी ने यह भी साफ कर दिया कि घरेलू क्रिकेट में किया गया शानदार प्रदर्शन किसी भी खिलाड़ी को फिर से राष्ट्रीय टीम के दरवाजे तक पहुंचा सकता है।
फाइनल में बना टी20 इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर
हरियाणा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन यह फैसला उनके लिए भारी पड़ गया। इशान किशन और कुमार कुशाग्र ने हरियाणा के गेंदबाजों पर कहर बनकर टूटते हुए हर ओवर में रन बरसाए। इशान ने 49 गेंदों पर 6 चौके और 10 छक्कों की मदद से 101 रन बनाए, जबकि उनका शतक महज 45 गेंदों में पूरा हुआ। दूसरे छोर से कुमार कुशाग्र ने 81 रनों की विस्फोटक पारी खेली। नतीजा यह रहा कि झारखंड ने 20 ओवर में 3 विकेट पर 262 रन ठोक दिए। यह किसी भी टी20 टूर्नामेंट के फाइनल का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर बन गया। इससे पहले यह रिकॉर्ड इटली के नाम था, जिसने पिछले साल रोमानिया के खिलाफ फाइनल में 244 रन बनाए थे। झारखंड का यह स्कोर न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया के टी20 क्रिकेट में चर्चा का विषय बन गया।
फाइनल की सबसे यादगार पारियों में शामिल इशान का शतक
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के फाइनल में खेले गए शतकों की बात करें, तो इशान किशन की पारी अब इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुकी है। इस मामले में पहले नंबर पर पंजाब के अमनप्रीत सिंह हैं, जिन्होंने 2023 में बड़ौदा के खिलाफ 61 गेंदों में 113 रन बनाए थे। अब इशान किशन इस सूची में दूसरे नंबर पर आ गए हैं। खास बात यह रही कि इशान का शतक सिर्फ तेजी के लिए नहीं, बल्कि क्लास और निरंतरता के लिए भी याद रखा जाएगा। उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट खेले, स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों के खिलाफ समान आक्रामकता दिखाई और हरियाणा के कप्तान को बार-बार गेंदबाज बदलने पर मजबूर कर दिया। फाइनल जैसे दबाव भरे मुकाबले में इस तरह की बल्लेबाजी करना किसी भी खिलाड़ी की मानसिक मजबूती को दर्शाता है।
रिकॉर्डों की झड़ी और झारखंड का ऐतिहासिक खिताब
इशान किशन के लिए यह टूर्नामेंट सिर्फ एक फाइनल तक सीमित नहीं रहा। पूरे सत्र में उन्होंने एक से बढ़कर एक रिकॉर्ड अपने नाम किए। इस सीजन में उनके बल्ले से निकले शतक ने यह साबित कर दिया कि वह छोटे प्रारूप के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक हैं। झारखंड ने हरियाणा को सात विकेट से हराकर पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। यह जीत झारखंड क्रिकेट के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इशान किशन की कप्तानी, उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और टीम के संतुलित प्रदर्शन ने इस जीत को ऐतिहासिक बना दिया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का प्रदर्शन चयनकर्ताओं का ध्यान जरूर खींचेगा और इशान किशन की टीम इंडिया में वापसी की उम्मीदें एक बार फिर मजबूत हो गई हैं। घरेलू क्रिकेट के मंच से उठी यह गूंज अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंचने को तैयार दिख रही है।
