उत्तर प्रदेश (UP) में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खाद की कालाबाजारी और नकली खाद बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता किसान को किसी भी तरह की परेशानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी हालत में नहीं छोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस मामले को बेहद गंभीर माना है और कहा कि सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है।
योगी सरकार ने यह भी कहा कि खाद वितरण की हर गतिविधि पर सीएम कार्यालय से नजर रखी जाएगी। किसानों को उचित दर पर डीएपी, यूरिया और पोटाश उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
नकली खाद बेचने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का उपयोग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि नकली खाद बेचने वाले और कालाबाजारी करने वाले लोग गंभीर अपराध कर रहे हैं। इसलिए इनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह कदम किसानों को सुरक्षित खाद उपलब्ध कराने और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सरकार का कहना है कि खाद की कालाबाजारी सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं पहुंचाती बल्कि किसानों के फसल उत्पादन को भी प्रभावित करती है। इसीलिए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे खुद निरीक्षण करें और किसी भी तरह की मिलीभगत या लापरवाही पर तुरंत विजिलेंस जांच कराएं।
जिलाधिकारियों और अधिकारियों को मैदान में उतरने के निर्देश
सीएम ने जिलाधिकारियों, अपर जिलाधिकारियों और उप जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि वे औचक निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि किसानों को खाद समय पर और तय दरों पर मिले। निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि डीएपी, यूरिया और पोटाश दुकानों पर सही दरों पर उपलब्ध हो।
इसके अलावा, अधिकारियों की गतिविधियों की लगातार निगरानी की जाएगी। अगर कोई अधिकारी या दुकान संचालक लापरवाही करता है या किसानों को नुकसान पहुंचाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि खाद वितरण पूरी तरह पारदर्शी और सही तरीके से हो।
किसानों को मिलेगी राहत, सरकार निगरानी में
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर जिले की स्थिति पर सीधी नजर रखेगी। किसानों को समय पर खाद मिलना बेहद जरूरी है ताकि फसल उत्पादन प्रभावित न हो। सरकार का यह कदम स्पष्ट संदेश है कि अन्नदाता के हित में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसानों को राहत देने के लिए खाद की उपलब्धता, दरों और वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। साथ ही, दोषियों पर एनएसए के तहत कार्रवाई के अलावा विजिलेंस जांच की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी। इससे खाद की कालाबाजारी और नकली खाद की बिक्री रोकने में मदद मिलेगी।
