अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी 14 साल बाद भारत पहुंचे तो फुटबॉल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। उनके दौरे की शुरुआत कोलकाता से हुई, जहां साल्ट लेक स्टेडियम में उनके स्वागत की बड़ी तैयारी की गई थी। हजारों प्रशंसक सुबह से ही स्टेडियम के बाहर जमा हो गए थे और माहौल किसी अंतरराष्ट्रीय मैच जैसा बन गया था। लेकिन उम्मीदों के उलट, कार्यक्रम अव्यवस्था का शिकार हो गया। भीड़ प्रबंधन में कमी, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर असंतुलन और स्टेडियम के भीतर फैली अराजकता के कारण स्थिति संभालना मुश्किल हो गया। हालात ऐसे बने कि मेसी को महज 22 मिनट के भीतर ही स्टेडियम छोड़ना पड़ा। यह वह पल था, जब कोलकाता में मौजूद फैंस का उत्साह अचानक निराशा में बदल गया। मेसी के लिए भी यह अनुभव वैसा नहीं रहा, जैसा उनसे और आयोजकों दोनों ने सोचा था। कोलकाता, जिसे भारत में फुटबॉल की राजधानी कहा जाता है, इस बार अच्छी यादों के साथ मेसी को विदा नहीं कर सका।
हैदराबाद में बदला माहौल, बदली कहानी
कोलकाता के बाद मेसी का अगला पड़ाव हैदराबाद बना और यहीं से उनके भारत दौरे की तस्वीर पूरी तरह बदलती नजर आई। राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में पहुंचते ही माहौल व्यवस्थित, उत्साहपूर्ण और नियंत्रित दिखा। मेसी थोड़ी देरी से स्टेडियम पहुंचे, लेकिन जैसे ही उन्होंने कैमरे की ओर देखकर हाथ हिलाकर दर्शकों का अभिवादन किया, पूरा स्टेडियम तालियों और नारों से गूंज उठा। यहां किसी तरह की अफरा-तफरी नहीं थी, बल्कि हर गतिविधि तय समय और योजना के अनुसार आगे बढ़ती दिखी। हैदराबाद में मेसी ने न सिर्फ दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया, बल्कि बच्चों के साथ समय बिताया, फुटबॉल ड्रिल्स में हिस्सा लिया और मुस्कुराते हुए मैदान पर सक्रिय नजर आए। यही वजह रही कि हैदराबाद का अनुभव उनके लिए यादगार बन गया और फैंस को भी अपने हीरो को करीब से देखने का पूरा मौका मिला।
CM रेवंत रेड्डी संग फुटबॉल और राहुल गांधी को जर्सी
हैदराबाद कार्यक्रम का सबसे खास पल तब आया, जब लियोनेल मेसी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के साथ मैदान पर फुटबॉल खेला। यह दृश्य खेल और राजनीति के अनोखे संगम के रूप में देखा गया। दोनों ने कुछ देर तक पासिंग और हल्की ड्रिलिंग की, जिसे देखकर दर्शक काफी उत्साहित हुए। इसी दौरान मेसी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अपनी जर्सी भी भेंट की। इस पल की तस्वीरें खुद राहुल गांधी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा कीं, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। इन तस्वीरों को भारत में फुटबॉल के बढ़ते प्रभाव और वैश्विक खेल सितारों के प्रति राजनीतिक नेतृत्व की रुचि के रूप में भी देखा जा रहा है। यह केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि खेल के जरिए जुड़ाव और सकारात्मक संदेश का प्रतीक बन गई।
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सुआरेज और डी पॉल के साथ बच्चों की मस्ती और ड्रिल्स
मेसी के साथ हैदराबाद पहुंचे लुइस सुआरेज और रोड्रीगो डी पॉल ने भी कार्यक्रम में खास रंग भरा। तीनों खिलाड़ियों ने बच्चों के साथ फुटबॉल खेला, हंसी-मजाक किया और उन्हें खेल के गुर सिखाए। मैदान पर की गई ड्रिलिंग और छोटे अभ्यास सत्रों ने दर्शकों का मन मोह लिया। खास बात यह रही कि इन पलों में कोई औपचारिकता नहीं दिखी, बल्कि खिलाड़ी पूरी तरह सहज और आनंद लेते नजर आए। फैंस के लिए यह अनुभव किसी लाइव ट्रेनिंग सेशन से कम नहीं था।
All the hype was about Messi visiting Kolkata but Hyderabad stole the show. pic.twitter.com/lpzGWdxX04
— Mr Orbit (@nimkeez) December 13, 2025
कार्यक्रम के अंत तक साफ हो गया कि जहां कोलकाता में मेसी का दौरा अधूरा और निराशाजनक रहा, वहीं हैदराबाद ने उन्हें वह सम्मान, व्यवस्था और अपनापन दिया, जिसकी उम्मीद एक वैश्विक खेल आइकन करता है। यही कारण है कि मेसी का भारत दौरा अब दो शहरों की बिल्कुल अलग तस्वीरों के साथ याद किया जाएगा।
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