उत्तर प्रदेश (UP)के एक नगर में हिंदू नाबालिग लड़की का मुस्लिम युवक से निकाह कराने की तैयारी की जा रही थी। यह शादी समारोह मैरिज लान में आयोजित किया जा रहा था। दूल्हा सेहरा बांधकर तैयार था और दुल्हन लाल जोड़े में सजी हुई थी। जैसे ही रस्में शुरू होने लगीं, वहीं हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि यह विवाह नाबालिग लड़की का है और इसकी अनुमति और उम्र पूरी नहीं थी। उन्होंने विवाह को रोकने के लिए तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। हंगामे के दौरान विवाह स्थल पर मौजूद लोग भी हैरान रह गए। बराती और शादी समारोह में उपस्थित लोग तनावपूर्ण माहौल के बीच रुके हुए थे। कार्यकर्ताओं ने बताया कि नाबालिग से जुड़े ऐसे मामले कानून के खिलाफ हैं और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
हिंदूवादी संगठनों ने विवाह रुकवाने के लिए किया विरोध
हिंदू संगठनों के सदस्यों ने नाबालिग लड़की का मतांतरण कर मुस्लिम युवक से निकाह कराना रोकने के लिए जोरदार विरोध किया। उनका कहना था कि यह न केवल नाबालिग विवाह का मामला है बल्कि इसे धार्मिक मतांतरण के रूप में दिखाने की कोशिश की जा रही थी। कार्यकर्ताओं ने विवाह स्थल पर पुलिस को बुलाया और जोर देकर कहा कि कानून के अनुसार नाबालिग विवाह अवैध है और इसे रोका जाना चाहिए। स्थानीय लोगों और अन्य उपस्थित व्यक्तियों ने भी इस घटना को देखकर पुलिस की ओर ध्यान दिया। कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि समाज और परिवार को नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और ऐसे मामलों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। इस हंगामे के बाद पूरे इलाके में हलचल बढ़ गई और आसपास के लोग भी घटना स्थल पर इकट्ठा होने लगे।
लड़का, लड़की और परिवार को हिरासत में लिया गया
घटना के बाद पुलिस ने मौके पर तुरंत हस्तक्षेप किया। एसपी राजेश द्विवेदी ने मीडिया को बताया कि नाबालिग लड़की, युवक और उनके परिवार को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी और सभी पक्षों की जांच की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि नाबालिग से जुड़े मामलों में प्रशासन का रुख सख्त है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी। एसपी ने कहा, “हमारे यहां नाबालिगों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हमारी प्राथमिकता बच्चों के अधिकार और उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।”
नाबालिग विवाह और मतांतरण रोकने की ज़रूरत
यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि नाबालिग विवाह और मतांतरण के मामलों पर सख्त नजर रखना बेहद ज़रूरी है। अधिकारियों ने बताया कि नाबालिगों के साथ किसी भी तरह के विवाह को रोकना समाज और कानून की जिम्मेदारी है। एसपी राजेश द्विवेदी ने कहा कि प्रशासन न केवल मौजूदा मामले की जांच कर रहा है बल्कि भविष्य में ऐसे घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी बच्चियों की सुरक्षा और अधिकारों के लिए सजग रहें।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि नाबालिग विवाह और मतांतरण जैसी घटनाएं केवल परिवार तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि समाज और समुदाय पर भी प्रभाव डालती हैं। इसलिए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है।
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