पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर पिछले कुछ दिनों से तरह-तरह की खबरें सोशल मीडिया पर फैल रही थीं। कई पोस्ट में दावा किया जा रहा था कि जेल में उनकी हालत बेहद खराब है, तो कहीं पर उनकी मौत से जुड़े भ्रामक दावे भी वायरल हुए। इन सभी अफवाहों पर मंगलवार को उस समय विराम लग गया, जब इमरान खान की बहन जेल में उनसे मिलकर बाहर आईं। मुलाकात के बाद उन्होंने साफ कहा कि “इमरान खान जिंदा हैं, सुरक्षित हैं और खुद अपनी स्थिति के बारे में बता पाने की स्थिति में हैं।” उनकी बहन के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में फैली कई तरह की अटकलें खत्म हो गईं।
बहन का दावा—‘जेल में किया जा रहा मानसिक उत्पीड़न’
जेल से बाहर आने के बाद इमरान खान की बहन ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री शारीरिक रूप से तो ठीक दिखाई दिए, लेकिन मानसिक रूप से काफी तनाव में हैं। उन्होंने कहा कि “जेल प्रशासन उन पर लगातार मानसिक दबाव बना रहा है, जिससे वह बहुत गुस्से में हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि इमरान खान को कई मूलभूत सुविधाओं से दूर रखा जा रहा है, और उन्हीं सुविधाओं की मांग करते-करते वह नाराज हो रहे हैं। उनका कहना था कि जेल के अंदर माहौल ऐसा बना दिया गया है, जिससे मानसिक तौर पर कमजोर किया जा सके। बहन के इन आरोपों ने पाकिस्तान सरकार और जेल प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जेल के हालात पर उठे सवाल
इमरान खान की बहन ने जेल की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां की परिस्थितियां बेहद खराब हैं और राजनीतिक कैदियों से विशेष रूप से कठोर बर्ताव किया जाता है। उन्होंने बताया कि परिवार को भी उनसे मिलने की अनुमति आसानी से नहीं मिलती। कई बार घंटों इंतजार कराने के बाद ही मुलाक़ात की इजाज़त दी जाती है। इस मुलाकात में भी उन्हें लंबी जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। उन्होंने पाकिस्तान की न्यायिक व्यवस्था से मांग की है कि इमरान खान के जेल में बिताए जा रहे दिनों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि उनके साथ किसी भी तरह की ज्यादती न हो।
राजनीतिक माहौल में फिर बढ़ी हलचल
इमरान खान की बहन द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद पाकिस्तान का राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्म हो गया है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ताओं ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि वह विपक्ष के नेताओं को डराने और कमजोर करने के लिए जेल का इस्तेमाल कर रही है। सोशल मीडिया पर भी इमरान खान के समर्थन में अभियान शुरू हो गया है, जिसमें उनके समर्थक सरकार से उनकी सुरक्षा की गारंटी और बेहतर सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। वहीं, सरकार इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए है, जिससे लोगों में और भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर इमरान खान के साथ जेल में क्या हो रहा है। इस घटना के बाद यह साफ हो गया है कि पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव एक बार फिर तेज हो सकता है।
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