भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज़ रोहित शर्मा ने एक ऐसा कीर्तिमान कायम कर दिया है, जिसकी चर्चा अब पूरी दुनिया में हो रही है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए पहले वनडे मुकाबले में रोहित ने अपने वनडे करियर का 352वां छक्का जड़ते ही पाकिस्तान के पूर्व ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी का रिकॉर्ड तोड़ दिया। हैरानी की बात यह है कि अफरीदी ने ये उपलब्धि 398 मैचों में हासिल की थी, जबकि रोहित ने इससे भी आगे बढ़ते हुए सिर्फ 277 मैचों में इस माइलस्टोन को पार कर लिया। यह अंतर साफ दिखाता है कि रोहित ने न केवल छक्के लगाने की कला को एक नए स्तर पर पहुंचाया है, बल्कि वह एक बेहद प्रभावशाली और लगातार प्रदर्शन करने वाले बल्लेबाज़ भी हैं।
277 वनडे मैचों में रच दिया इतिहास
रोहित शर्मा का वनडे सफर हमेशा से शानदार नहीं था। शुरुआत में उनका खेल अस्थिर माना जाता था, लेकिन समय के साथ वह भारत के सबसे मज़बूत ओपनर बनकर उभरे। ओपनिंग रोल मिलने के बाद उनकी बल्लेबाजी में नई ऊर्जा आई और वे दुनिया के सबसे सफल शॉर्ट-मेकर्स में शामिल हो गए।
रोहित का खास अंदाज़ यह है कि वह छक्का लगाने के लिए सिर्फ बल का इस्तेमाल नहीं करते, बल्कि गेंदबाज़ की हर गेंद को पढ़कर स्मार्ट हिट लगाते हैं। उनके पास पुल शॉट, इनसाइड-आउट और स्ट्रेट लॉफ्ट जैसी कई ताकतवर शॉट्स का ऐसा मिश्रण है जो उन्हें बाकी बल्लेबाज़ों से अलग करता है।
उनके छक्कों की गति को देखकर क्रिकेट विशेषज्ञ भी मानते हैं कि रोहित को रोकना आसान नहीं होता। यही वजह है कि उन्होंने मात्र 277 मैचों में 352 छक्के जमाकर अफरीदी के 398 मैचों वाले रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया।
रोहित शर्मा ने तोड़ा अफरीदी का रिकॉर्ड
शाहिद अफरीदी लंबे समय तक वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्कों के बादशाह रहे। आक्रामक खेल उनका ट्रेडमार्क था और उनका 351 छक्कों वाला रिकॉर्ड लगभग अटूट माना जाता था। लेकिन रोहित शर्मा ने इस मिथक को तोड़कर बता दिया कि असली क्लास वह होती है जो दबाव में भी निखरती है।
अफरीदी ने 398 वनडे खेलकर ये आंकड़ा छुआ था। वहीं रोहित ने इससे 120 मैच कम खेलकर यह उपलब्धि हासिल की है।
खुश हुए रोहित शर्मा के फैंस
अब जब रोहित ने 352 छक्कों के साथ वनडे इतिहास में अपना नाम शीर्ष पर दर्ज करवा दिया है, तो हर किसी के मन में यही सवाल उठ रहा है कि उनका अगला पड़ाव कितना बड़ा होगा।
रोहित अभी भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं और उनकी फिटनेस व फॉर्म बेहतरीन है। यदि उन्होंने कुछ और साल खेला, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए छक्कों का यह रिकॉर्ड तोड़ना बेहद कठिन हो सकता है। इसके अलावा यह रिकॉर्ड भारतीय टीम और आने वाले युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है। इससे पता चलता है कि धैर्य, कड़ी मेहनत और अवसर का सही इस्तेमाल किसी भी खिलाड़ी को विश्व के शीर्ष स्थान तक पहुंचा सकता है।रोहित शर्मा आज सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक युग का नाम बन चुके हैं—एक ऐसा युग जहां क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि मनोरंजन और शक्ति का मेल है। रोहित शर्मा की पूरी दुनिया में करोड़ों क्रिकेट फैंस हैं। रोहित शर्मा के वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के बाद फैंस बहुत खुश हुए हैं।
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