गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई और इंटरनेशनल लेवल का वांछित अपराधी अनमोल बिश्नोई आखिरकार भारत पहुंच गया, लेकिन अपने दम पर नहीं—बल्कि अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा डिपोर्ट कर भारत भेजा गया। दिल्ली एयरपोर्ट पर जैसे ही अनमोल को उतारा गया, NIA की टीम पहले से तैनात थी। एयरपोर्ट के स्पेशल एरिया में कड़ी सुरक्षा के बीच उसे हिरासत में लिया गया और तुरंत पूछताछ के लिए ले जाया गया।
अनमोल लंबे समय से विदेश में बैठकर भारत में कई बड़े अपराधों की साजिश रचने में शामिल रहा था। उसकी वापसी ने न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि देश में चल रहे गैंग नेटवर्क की कई कड़ियां अब खुल सकती हैं।
हाई-प्रोफाइल केसों में घिरा अनमोल
अनमोल बिश्नोई का नाम पहली बार तब सुर्खियों में आया जब पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में उसकी सीधी भूमिका सामने आई। साजिश, हथियारों की व्यवस्था और फंडिंग तक, हर स्तर पर उसका हाथ बताया गया। इससे पहले एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी को धमकी और टारगेट करने की जिम्मेदारी भी अनमोल के नाम से सोशल मीडिया पर ली गई थी।
इसके अलावा सलमान खान के घर ‘गैलेक्सी अपार्टमेंट’ के बाहर फायरिंग मामले में भी उसका नाम सामने आया, जहां गैंग ने माफिया-स्टाइल धमकी देते हुए गोलियां चलाई थीं। सुरक्षा एजेंसियों ने उस समय भी दावा किया था कि हमले की प्लानिंग विदेश से बैठकर अनमोल ने ही की थी।
इन सभी मामलों की वजह से अब NIA और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल दोनों मिलकर उससे लगातार पूछताछ कर रही हैं, जिससे कई छिपे हुए अपराध नेटवर्क सामने आने की संभावना जताई जा रही है.
अमेरिका में कैसे पहुंचा, और वापस क्यों भेजा गया?
अनमोल बिश्नोई भारत से फरार होकर विदेश भागने में सफल रहा था और कई सालों से अमेरिका में रह रहा था। जांच एजेंसियों का मानना है कि वह वहां नकली पहचान और फर्जी पासपोर्ट के जरिए पहुंचा था।
अमेरिकी एजेंसियों ने उसके खिलाफ मिले इनपुट और भारत से इंटरनेशनल लेवल पर भेजे गए सबूतों के आधार पर कार्रवाई की। वीज़ा नियम तोड़ने, आपराधिक गतिविधियों और फेक डॉक्यूमेंट के कारण अमेरिका ने उसे ‘सिक्योरिटी थ्रेट’ मानकर डिपोर्ट करने का फैसला किया।
भारत को पहले ही उसके मूवमेंट की जानकारी दे दी गई थी, जिसके बाद NIA और इमिग्रेशन ने एयरपोर्ट पर विशेष टीम तैनात कर दी थी।
कितने राज खुलेगा अनमोल?
अनमोल की गिरफ़्तारी सिर्फ एक हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी नहीं है। NIA के अनुसार, यह एक ऐसे नेटवर्क पर बड़ी चोट है जो विदेशों से बैठे-बैठे भारत में गैंगवार, हत्या, वसूली और टारगेट किलिंग करवाता था।
पूछताछ में अनमोल से लॉरेंस बिश्नोई गैंग की पूरी फंडिंग चेन, हवाला कनेक्शन, विदेशी मददगारों, हथियार सप्लायर्स और सोशल मीडिया के जरिए फैलाए जाने वाले डर के नेटवर्क को लेकर कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस गिरफ्तारी के चलते कई और इंटरनेशनल मॉड्यूल ध्वस्त हो सकते हैं और देश की अंदरूनी सुरक्षा से जुड़े कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
