अदियाला जेल के बाहर बुधवार को उस वक्त माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया, जब पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनों ने पुलिस पर मारपीट का गंभीर आरोप लगा दिया। उनका कहना है कि वे सिर्फ अपने भाई से मुलाकात करने आई थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें धक्के देकर रोका, यहां तक कि बाल पकड़कर सड़क पर घसीटा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे पाकिस्तान में राजनीतिक हलचल मच गई। इमरान खान की कानूनी टीम ने इसे “मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन” बताया है।
राजनीतिक माहौल पहले ही तनावपूर्ण था, लेकिन इस आरोप ने सत्ताधारी गठबंधन की कानून-व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है। इमरान समर्थक इस घटना के विरोध में देशभर में प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।
“बाल पकड़कर घसीटा”… इमरान की बहनों का दर्दनाक आरोप
जेल परिसर के बाहर मीडिया से बात करते हुए इमरान खान की बड़ी बहन शौकत खानुम ने रोते हुए कहा, “हम सिर्फ मिलने आए थे। हमने किसी से कुछ नहीं कहा। लेकिन पुलिस ने हमें धक्का दिया, बाल पकड़कर घसीटा और हमसे बदसलूकी की।”
उनके अनुसार वे कई दिनों से इमरान से मिलने की अनुमति मांग रही थीं, लेकिन प्रशासन लगातार टालता रहा। बुधवार को जब वे सीधे जेल गेट पहुंचीं, तो अचानक बड़ी संख्या में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
परिवार का कहना है कि इमरान खान पहले ही करीब ढाई साल से अदियाला जेल में बंद हैं और उनकी सेहत भी ठीक नहीं बताई जा रही। ऐसे में मुलाकात की अनुमति भी न मिलना और ऊपर से बहनों के साथ बदसलूकी, पार्टी समर्थकों के लिए एक बड़ा मुद्दा बन गया है।
वीडियो वायरल होते ही बढ़ा तनाव, PTI ने कहा— ‘ये बदले की राजनीति’
सोशल मीडिया पर बहनों के साथ धक्कामुक्की का कथित वीडियो तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में कुछ महिला पुलिसकर्मियों को इमरान की बहनों को दूर धकेलते हुए देखा जा सकता है। हालांकि पुलिस विभाग ने इन आरोपों से इंकार किया है। उनका कहना है कि सुरक्षा कारणों से उन्हें आगे जाने से रोका गया और किसी तरह की बदसलूकी नहीं की गई।
वहीं, इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने इसे सत्ताधारी सरकार द्वारा दबाव की राजनीति बताया है। PTI प्रवक्ता ने कहा, “पहले इमरान को जेल में रखा गया, अब उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है। यह लोकतंत्र नहीं, बदले की राजनीति है।”
घटना के बाद रावलपिंडी और इस्लामाबाद में PTI समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए लोग सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
जेल प्रशासन का सफाई बयान और बढ़ती राजनीतिक हलचल
अदियाला जेल प्रशासन ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि मुलाकात के लिए कुछ नियम होते हैं और सुरक्षा के बिना किसी को भी हाई-प्रोफाइल बंदियों के पास नहीं जाने दिया जा सकता। जेल अधिकारियों ने कहा कि बहनों ने “अनधिकृत एरिया में प्रवेश” की कोशिश की, जिसे रोकना पुलिस का कर्तव्य था।
हालांकि, घटना ने सरकार की छवि पर बड़ा असर डाला है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार, इमरान खान की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर उनके परिवार को निशाना बना रही है। दूसरी ओर, सत्ताधारी पक्ष का दावा है कि देश की सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र उठाए गए कदमों को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में पाकिस्तान की सियासत को और भी उथल-पुथल कर सकता है। इमरान खान पहले ही कई मामलों में जेल में बंद हैं, और अब परिवार के साथ ऐसी घटना होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल उठ सकते हैं।
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