केंद्र सरकार ने बुजुर्ग पेंशनर्स की सुविधा के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (Digital Life Certificate – DLC) की शुरुआत की थी. अब बैंक या पेंशन दफ्तरों के चक्कर लगाने की बजाय वे घर बैठे ‘जीवन प्रमाण’ ऐप या बायोमेट्रिक डिवाइस से पहचान की पुष्टि कर सकते हैं.
पर कई बार यह सिस्टम काम नहीं करता, जिससे पेंशन रुक सकती है. जानिए किन कारणों से डिजिटल प्रक्रिया फेल होती है और समाधान क्या है.
किन परिस्थितियों में फेल हो सकता है डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र?
1. फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन फेल होना:
उम्र बढ़ने के साथ फिंगरप्रिंट हल्के हो जाते हैं, जिससे स्कैनर पहचान नहीं पाता और आधार ऑथेंटिकेशन फेल हो जाता है.
2. आधार से गलत मोबाइल या बैंक डिटेल लिंक होना:
अगर आपका आधार बैंक या पेंशन पोर्टल से सही तरह से लिंक नहीं है, तो डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट रिजेक्ट हो सकता है.
3. नेटवर्क या सर्वर की समस्या:
ग्रामीण या कमजोर नेटवर्क वाले इलाकों में सर्वर से कनेक्शन टूट जाता है, जिससे प्रमाण पत्र अपलोड नहीं हो पाता.
4. नाम या जन्मतिथि में अंतर:
अगर आधार कार्ड और पेंशन रिकॉर्ड में मामूली फर्क भी है, तो सिस्टम सर्टिफिकेट को अस्वीकार कर देता है.
ऐसे में क्या करें पेंशनर्स?
1. बैंक शाखा में जाकर फिजिकल प्रमाण पत्र जमा करें:
अपने बैंक के पेंशन डेस्क पर जाकर मैनुअल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं.
2. डोरस्टेप सर्विस का उपयोग करें:
इंडिया पोस्ट की सेवा के जरिए पोस्टमैन आपके घर आकर बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी करता है और सर्टिफिकेट जमा कर देता है.
3. CSC सेंटर की मदद लें:
किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर ऑपरेटर की सहायता से डिजिटल सर्टिफिकेट बनवाया जा सकता है.
कब जमा करना जरूरी है जीवन प्रमाण पत्र?
हर साल नवंबर महीने में प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया शुरू होती है.
सरकारी और निजी दोनों तरह के पेंशनर्स को 30 नवंबर तक जीवन प्रमाण देना अनिवार्य होता है.
जो पेंशनर्स यह काम नहीं करते, उनकी पेंशन अगले महीने से रोक दी जाती है.
डिजिटल सर्टिफिकेट कैसे बनवाएं? (Step-by-Step)
1. जीवन प्रमाण ऐप डाउनलोड करें (Google Play Store या Jeevanpramaan.gov.in से).
2. आधार नंबर, पेंशन आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करें.
3. बायोमेट्रिक डिवाइस से पहचान की पुष्टि करें.
4. सफल ऑथेंटिकेशन के बाद एक जीवन प्रमाण ID (Pension ID) मिलेगी.
5. इस ID को अपने बैंक या विभाग के साथ शेयर करें.
कुछ ही मिनटों में आपका Digital Life Certificate तैयार हो जाएगा.
सावधानी ही सुरक्षा
डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र से पेंशनर्स को बड़ी राहत मिली है, लेकिन तकनीकी खामियों से बचने के लिए यह सुनिश्चित करें—
फिंगरप्रिंट साफ और अपडेटेड हों
मोबाइल नंबर और बैंक विवरण आधार से सही तरह से लिंक हों
रिकॉर्ड में नाम या जन्मतिथि में कोई अंतर न हो
यदि सिस्टम फेल हो जाए, तो तुरंत बैंक, पोस्ट ऑफिस या CSC सेंटर से संपर्क करें.
क्योंकि अगर प्रमाण पत्र समय पर जमा नहीं हुआ, तो आपकी मेहनत की पेंशन रुक सकती है — और फिर दोबारा शुरू करवाने में समय लग सकता है.
