पाकिस्तान क्रिकेट में इस वक्त बड़ा तूफान खड़ा हो गया है। टीम के सबसे भरोसेमंद विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) द्वारा दिए गए नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करने से इंकार कर दिया है। बताया जा रहा है कि रिजवान को श्रेणी ‘बी’ में रखा गया है, जबकि पहले वे ‘ए’ कैटेगरी के खिलाड़ी थे। इस बदलाव से वे बेहद नाराज हैं और उन्होंने अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से साफ मना कर दिया है।
PCB की नई व्यवस्था पर उठे सवाल
सूत्रों के मुताबिक, PCB ने इस बार सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड ने प्रतिष्ठित कैटेगरी ‘A’ को ही खत्म कर दिया है — जो पहले सिर्फ बाबर आजम, शाहीन अफरीदी और रिजवान जैसे खिलाड़ियों के लिए थी। इस बार सभी खिलाड़ियों को अलग-अलग प्रदर्शन स्तर के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा गया है। रिजवान को इस बदलाव से ठेस पहुंची है और वे इसे अपने करियर के साथ “अन्याय” मानते हैं।
टीम के अंदर असंतोष की लहर
रिजवान के इस कदम के बाद PCB के अंदर हलचल मच गई है। रिपोर्ट्स की मानें तो कुछ अन्य सीनियर खिलाड़ियों ने भी बोर्ड के फैसलों पर असंतोष जताया है। उनका मानना है कि प्रदर्शन के बावजूद सही मान-सम्मान और आर्थिक इनाम नहीं दिया जा रहा। रिजवान के इस फैसले से टीम मैनेजमेंट के लिए स्थिति और जटिल हो गई है, खासकर तब जब पाकिस्तान टीम आने वाले महीनों में टी20 सीरीज और टेस्ट मुकाबलों की तैयारी में जुटी है।
बाबर और शाहीन का रुख अलग
जहां रिजवान ने बगावती तेवर दिखाए हैं, वहीं बाबर आजम और शाहीन शाह अफरीदी ने बिना विवाद के अनुबंध पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि दोनों खिलाड़ियों को बोर्ड ने कुछ अतिरिक्त बोनस और लचीलापन दिया है। इससे टीम में “फेवरेट प्लेयर” कल्चर की चर्चा फिर से तेज हो गई है। क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर PCB जल्द हालात को नहीं संभालता, तो आने वाले समय में यह विवाद और गहरा सकता है।
आगे क्या होगा?
अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि PCB और रिजवान के बीच सुलह होती है या नहीं। सूत्रों के मुताबिक, बोर्ड रिजवान से व्यक्तिगत बातचीत करने की तैयारी में है। अगर बातचीत सफल नहीं होती, तो आने वाली सीरीज में रिजवान का खेलना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में पाकिस्तान क्रिकेट एक बार फिर आंतरिक राजनीति और असंतोष के जाल में फंस सकता है।
