उत्तर प्रदेश के बरेली में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद भड़की हिंसा के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। एसएसपी अनुराग आर्या ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह घटना अचानक नहीं हुई, बल्कि इसकी योजना पिछले सात दिनों से बनाई जा रही थी। पुलिस ने मौके से चाकू, तमंचे, धारदार ब्लेड और पेट्रोल से भरी बोतलें बरामद की हैं। हिंसा के दौरान पुलिस बल को उकसाने की कोशिश हुई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मौलाना तौकीर रजा पर गंभीर आरोप, भेजा गया न्यायिक हिरासत में
पुलिस ने बताया कि इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (IMC) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा पर भी हिंसा भड़काने का आरोप है। उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उनके साथ अन्य 7 लोगों को भी पुलिस ने पकड़ा है। अब तक इस मामले में कुल 10 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
शहर में सुरक्षा कड़ी, सोशल मीडिया पर निगरानी
घटना के बाद से बरेली में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च भी चलाया जा रहा है। प्रशासन ने अफवाहों पर रोक लगाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निगरानी शुरू कर दी है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो भी कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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