प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन पर एक और बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने 7.44 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण कानून (PMLA) के तहत की गई है। जांच में सामने आया कि नवंबर 2016 में नोटबंदी के तुरंत बाद जैन के करीबी अंकुश जैन और वैभव जैन ने यह रकम विभिन्न कंपनियों के नाम पर बैंक में जमा कराई, जबकि असल में वे कंपनियां सत्येंद्र जैन के ही नियंत्रण में थीं। इससे पहले ED 4.81 करोड़ की संपत्ति जब्त कर चुकी है, जिससे अब कुल अटैच संपत्ति 12.25 करोड़ हो गई है।
ED की जांच में नए खुलासे
एजेंसी का दावा है कि अंकुश और वैभव जैन, जैन परिवार के ही बेनामीदार हैं। आयकर विभाग और अदालतों ने भी इस बात की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि ED इस मामले में जल्द ही पूरक चार्जशीट दाखिल कर सकती है। वहीं, फिलहाल केस की सुनवाई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में जारी है, जहां कई अहम गवाहों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
CBI केस में मिली थी राहत
दिल्ली के पूर्व मंत्री को इससे पहले लोक निर्माण विभाग में भर्ती से जुड़े एक मामले में राहत मिल चुकी है। उस केस में सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट दायर कर कोर्ट को बताया कि लंबे समय तक जांच के बावजूद भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत कोई ठोस सबूत नहीं मिला। कोर्ट ने भी कहा था कि आपराधिक षडयंत्र का कोई आधार नहीं है। हालांकि, ED की ताजा कार्रवाई से सत्येंद्र जैन की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिख रही हैं।
