Kachhua Ring: ज्योतिष शास्त्र में कछुए को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय जब मां लक्ष्मी प्रकट हुई थीं, तब भगवान विष्णु ने कछुए के रूप में उनका स्वागत किया था। इसलिए चांदी में बनी कछुए वाली अंगूठी को धारण करने से घर में समृद्धि, स्थिरता और सौभाग्य आता है। खासतौर पर उन लोगों के लिए यह बेहद लाभकारी मानी जाती है, जो आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और बार-बार धन हानि का सामना कर रहे हैं।
कैसे करें धारण, क्या रखें सावधानियां
इस अंगूठी को पहनने के लिए शुक्रवार या सोमवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है। सुबह स्नान के बाद इसे शुद्ध जल या गंगाजल से धोकर लक्ष्मी मंत्र ‘ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ का 11 बार जाप करते हुए धारण करें। इसे हमेशा दाहिने हाथ की मध्यमा (मिडल फिंगर) में पहनना चाहिए। अंगूठी में बना कछुआ हमेशा अंदर की ओर मुड़ा हुआ होना चाहिए। साथ ही ध्यान रखें कि इसे पहनते वक्त मन शुद्ध और नकारात्मक विचारों से रहित होना चाहिए।
किन समस्याओं में मिल सकता है लाभ
कछुए वाली चांदी की अंगूठी न सिर्फ आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद करती है, बल्कि जीवन में स्थिरता भी लाती है। यह अंगूठी कारोबार में नुकसान, नौकरी में बाधा, कर्ज से मुक्ति और खर्चों पर नियंत्रण जैसी समस्याओं से छुटकारा दिला सकती है। ज्योतिषाचार्य मानते हैं कि यदि इसे विश्वास और विधिपूर्वक धारण किया जाए, तो जीवन में सकारात्मक बदलाव जल्दी ही नजर आने लगते है।
(Disclaimer: यहां पर प्राप्त जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। UP Varta News इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
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