भारत की महान बॉक्सर और ओलंपिक पदक विजेता मैरी कॉम पिछले कुछ समय से अपने खेल से ज्यादा निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। एक टीवी शो के दौरान उन्होंने अपने पूर्व पति को लेकर ऐसा बयान दे दिया, जिसने सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। मैरी कॉम ने कहा था कि उनके पूर्व पति “एक रुपया नहीं कमाते थे” और “गली-गली फुटबॉल खेलते थे।” उनका यह बयान सामने आते ही वायरल हो गया और लोगों ने इसे पुरुषों और खिलाड़ियों के अपमान के रूप में देखना शुरू कर दिया। कई लोगों ने मैरी कॉम की आलोचना की, तो वहीं कुछ ने उनके निजी दर्द को समझने की कोशिश की। दरअसल, मैरी कॉम का पिछले साल ही तलाक हुआ था और उसके बाद पहली बार उन्होंने सार्वजनिक मंच से अपने रिश्ते को लेकर खुलकर बात की थी। लेकिन भावनाओं में दिया गया उनका यह बयान उनके लिए भारी पड़ गया।
टीवी शो से सोशल मीडिया तक कैसे फैली बात?
मैरी कॉम ने यह बयान एक चर्चित टीवी शो में बातचीत के दौरान दिया था। उन्होंने कहा था कि उनके पूर्व पति का कोई स्थापित करियर नहीं था और उन्होंने उनके लिए कोई सफल करियर छोड़ा भी नहीं था। इसी बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद मेहनत करके आगे बढ़ीं और परिवार का खर्च संभालती रहीं। शो के कुछ क्लिप्स सोशल मीडिया पर आते ही लोगों ने बयान को अलग-अलग तरीके से लेना शुरू कर दिया। कई लोगों ने इसे फुटबॉल खिलाड़ियों और आम पुरुषों का अपमान बताया, जबकि कुछ ने कहा कि मैरी कॉम अपने निजी अनुभव को साझा कर रही थीं। देखते ही देखते यह बयान ट्रोलिंग का विषय बन गया और दिग्गज बॉक्सर को तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा। मामला इतना बढ़ गया कि मैरी कॉम को खुद सामने आकर सफाई देनी पड़ी।
मैरी कॉम ने क्यों और कैसे मांगी माफी?
बढ़ते विवाद के बीच मैरी कॉम ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर कर पूरे मामले पर सफाई दी और माफी भी मांगी। वीडियो में उन्होंने हाथ जोड़ते हुए कहा कि उनके बयान को लेकर लोग भ्रम में पड़ गए हैं, जिसका उन्हें दुख है। उन्होंने साफ किया कि ऐसा नहीं है कि उनकी शादी हमेशा खराब रही। मैरी कॉम के अनुसार, कई सालों तक उनका वैवाहिक जीवन ठीक चला, लेकिन समय के साथ भरोसा पूरी तरह टूट गया और हालात बदल गए। उन्होंने यह भी कहा कि तलाक के बाद अप्रैल 2025 में उनके खिलाफ कई तरह की बातें कही गईं, लेकिन उस वक्त उन्होंने संयम रखा और न मीडिया में कुछ कहा, न सार्वजनिक मंच पर। मैरी कॉम ने स्वीकार किया कि टीवी शो में उन्होंने भावनाओं में बहकर ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर लिया, जिससे लोगों को ठेस पहुंची।
यह बयान न पुरुषों के खिलाफ था, न खिलाड़ियों के
मैरी कॉम ने अपनी सफाई में खास तौर पर यह बात कही कि उनका बयान न तो पुरुषों के खिलाफ था और न ही फुटबॉल खिलाड़ियों के खिलाफ। उन्होंने कहा कि उन्हें फुटबॉल से प्यार है और वे किसी भी खिलाड़ी का अपमान करने की सोच भी नहीं सकतीं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि देश के महान फुटबॉलर सुनील छेत्री जैसे खिलाड़ी भी गली से ही निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं। उनका बयान किसी खेल या खिलाड़ी की गरिमा पर सवाल उठाने के लिए नहीं था। मैरी कॉम ने कहा कि उनके शब्दों को गलत दिशा में ले जाया गया और उन्होंने उन सभी पुरुषों से माफी मांगी है, जिन्हें उनके बयान से दुख पहुंचा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह एक खिलाड़ी के तौर पर सभी खेलों और खिलाड़ियों का सम्मान करती हैं। इस माफी के साथ मैरी कॉम ने यह संदेश देने की कोशिश की कि निजी दर्द और सार्वजनिक बयान के बीच संतुलन बनाना कितना जरूरी होता है।
Read More-सदन में एक किताब और मच गया बवाल! राहुल गांधी से हुई चूक या टूटा संसद का बड़ा नियम?

