केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात में एक जनसभा के दौरान कांग्रेस पार्टी और उसके नेता राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने हाल ही में लोकसभा में हुई एक बहस का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने उनसे एक “अजीब” सवाल पूछा था। शाह के मुताबिक राहुल गांधी ने उनसे पूछा कि हर चुनाव में सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही क्यों हारती है। अमित शाह ने यह बात मंच से कहते हुए कहा कि राहुल गांधी ने जनता से पूछने के बजाय उनसे यह सवाल किया, जबकि असली जवाब जनता के पास है। शाह ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि लोकतंत्र में हार-जीत का फैसला जनता करती है, न कि किसी एक व्यक्ति से पूछकर समझा जा सकता है।
लोगों से जुड़े मुद्दों का विरोध बना हार की वजह
अमित शाह ने कांग्रेस की लगातार चुनावी हार के पीछे कारण गिनाते हुए कहा कि जब कोई पार्टी जनता को पसंद आने वाली हर चीज का विरोध करती है, तो उसे वोट नहीं मिलते। उन्होंने कहा कि देश में जब-जब विकास से जुड़े बड़े फैसले लिए गए, कांग्रेस ने उनका विरोध किया। चाहे गरीबों के लिए आवास योजना हो, मुफ्त राशन योजना हो, या फिर बुनियादी ढांचे का विकास—कांग्रेस हर कदम पर विरोध की राजनीति करती रही। शाह ने कहा कि जनता यह सब देखती और समझती है, इसलिए चुनाव में फैसला भी उसी आधार पर करती है। उनके मुताबिक जनता को सिर्फ नारे नहीं, बल्कि काम चाहिए, और यही वजह है कि कांग्रेस जनता का भरोसा खोती चली गई।
राहुल गांधी को दी गई ‘राजनीतिक सलाह’
गृह मंत्री ने मंच से राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि “राहुल बाबा को हार से थकना नहीं चाहिए।” शाह ने तंज कसते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी विकास, जनकल्याण और राष्ट्रीय हित से जुड़ी पहलों को समझने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें खुद ही अपने सवाल का जवाब मिल जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी राहुल गांधी को यह सरल राजनीतिक तर्क समझाने में असफल रहे हैं। शाह के अनुसार राजनीति केवल विरोध करने का नाम नहीं है, बल्कि जनता की आकांक्षाओं को समझकर उनके लिए काम करने का माध्यम है, और जब तक कांग्रेस यह नहीं समझेगी, तब तक उसे हार का सामना करना पड़ेगा।
गुजरात की सभा से राष्ट्रीय राजनीति का संदेश
अमित शाह ने गुजरात की जनसभा से यह स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की कि भाजपा की राजनीति विकास और जनहित पर आधारित है, जबकि कांग्रेस की राजनीति विरोध और भ्रम फैलाने तक सीमित रह गई है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब जागरूक है और वह यह जानती है कि कौन सिर्फ सवाल पूछ रहा है और कौन जवाब देने वाला काम कर रहा है। शाह ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में हार को स्वीकार करना और उससे सीख लेना जरूरी होता है, लेकिन कांग्रेस ने अब तक हार से कोई सीख नहीं ली है। इसी कारण पार्टी बार-बार वही गलतियां दोहराती है और नतीजा हर चुनाव में सामने आ जाता है।
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