गोवा के वागातोर इलाके में स्थित रोमियो लेन बीच शैक एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस बार मुंबई निवासी वैभवी चंदेल और उनके परिवार के साथ हुई घटना ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। वैभवी ने आरोप लगाया कि क्लब में उनके साथ न सिर्फ दुर्व्यवहार हुआ, बल्कि स्टाफ और बाउंसर्स ने उनके परिवार पर शारीरिक हमला भी किया। यह मामला इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि इस शैक का कनेक्शन उन लूथरा ब्रदर्स से बताया जाता है जो कुछ समय पहले एक फायर ट्रैजेडी केस के बाद देश छोड़कर चले गए थे। चंदेल के अनुसार, क्लब का माहौल बेहद अव्यवस्थित था और अंदर की भीड़ को संभालने की कोई उचित व्यवस्था नहीं दिखी।
उन्होंने बताया कि क्लब की संरचना इतनी तंग थी कि वहां से निकलना भी चुनौतीपूर्ण हो गया। एक ही प्रवेश और निकास द्वार होने के कारण भीड़ आसानी से इकट्ठा हो जाती थी। वैभवी का कहना है कि जब वे अपने परिवार सहित आधी रात के बाद क्लब से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे तभी स्टाफ और प्रबंधन ने उनसे अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया।
सीढ़ियों से धक्का दिया—पीड़िता का आरोप
वैभवी चंदेल ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि क्लब के स्टाफ ने पहले उनके कज़िन को फर्नीचर नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाकर रोका। उन्होंने कहा कि उनका कज़िन रास्ते में रखी एक भारी कुर्सी को हल्का-सा पैर से हटाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इस पर मैनेजर भड़क उठा। पीड़िता के अनुसार, मैनेजर ने उनके कज़िन का कॉलर पकड़ते हुए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और कहा कि उन्हें पहले ही क्लब से बाहर कर देना चाहिए था।
वैभवी का दावा है कि जब परिवार ने स्थिति को समझाते हुए माफी मांगी, तब भी क्लब मैनेजर ने सभी सुरक्षा कर्मियों और बाउंसर्स को बुला लिया। इसके बाद स्थिति अचानक हिंसक हो गई। बाउंसर्स ने धक्का-मुक्की शुरू की और महिला के परिवार पर हमला कर दिया। पीड़िता ने कहा कि उनकी बहन को सीने पर जोरदार धक्का दिया गया और वह सीढ़ियों से नीचे गिर गई। घटना यहीं नहीं रुकी—एक बाउंसर लोहे की रॉड लेकर आया और उनके भाई पर हमला कर दिया। वैभवी के मुताबिक, स्टाफ ने न सिर्फ उन्हें थप्पड़ मारा बल्कि उनकी टी-शर्ट पकड़कर घसीटने की भी कोशिश की। इस दौरान लगातार गालियां दी जाती रहीं जिससे परिवार में डर और हड़कंप मच गया।
FIR दर्ज कराने में भी हुई कठिनाई, पुलिस पर उठे सवाल
पीड़ित परिवार के अनुसार, सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि घटना के बाद FIR दर्ज करवाना बेहद मुश्किल हो गया। वैभवी ने बताया कि हमले के बाद पूरा परिवार डरा हुआ था और सभी के शरीर पर चोटों के निशान थे। वे सुबह पुलिस थाने पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें अगले दिन आने के लिए कहा गया। काफी अनुरोध और दस्तावेज दिखाने के बाद आखिरकार FIR दर्ज की जा सकी।
FIR में क्लब मैनेजर अजय कवितकर, स्टाफ मेंबर जुनैद अली और बाउंसर्स के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। वैभवी ने अपनी शिकायत में गौरव और सौरभ लूथरा का नाम भी शामिल किया था, लेकिन पुलिस ने कहा कि घटना के समय वे क्लब में मौजूद नहीं थे, इसलिए उनका नाम FIR से हटा दिया गया। इस कार्रवाई ने लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए—क्या क्लब प्रबंधन को बचाने की कोशिश की गई? क्या FIR दर्ज करने में जानबूझकर देरी की गई? पीड़िता का कहना है कि अगर महिलाओं और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर इतनी ढिलाई बरती जाएगी तो ऐसे मामले दोबारा होना तय है।
अवैध निर्माण, पुरानी घटनाएं और देश छोड़कर भागे लूथरा ब्रदर्स
इस घटना की जांच के दौरान सामने आया कि क्लब की संरचना सरकारी भूमि पर अवैध रूप से तैयार की गई थी। यह जानकारी सामने आते ही क्लब प्रबंधन की गतिविधियों पर और सवाल उठने लगे। इससे पहले भी रोमियो लेन का नाम कई विवादों से जुड़ चुका है। ऐसे में यह हमला मामले को और गंभीर बनाता है।
वहीं दूसरी ओर, फायर ट्रैजेडी मामले में गैर-इरादतन हत्या के आरोपों का सामना कर रहे गौरव और सौरभ लूथरा पर भी उंगलियां उठ रही हैं। बताया जाता है कि एक घटना के कुछ ही घंटों बाद दोनों देश छोड़कर थाईलैंड के फुकेत के लिए रवाना हो गए थे। उनके अचानक देश छोड़ने के फैसले ने संदेह और गहरा कर दिया है। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब क्लब से जुड़े विवाद लगातार सामने आ रहे थे, तब मॉनिटरिंग और सुरक्षा मानकों को क्यों नजरअंदाज किया गया?
पीड़िता का कहना है कि गोवा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल पर अगर ऐसे घटनाक्रम जारी रहे तो यह न सिर्फ पर्यटकों की सुरक्षा बल्कि राज्य की विश्वसनीयता पर भी गंभीर असर डाल सकता है। उन्होंने मांग की कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
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