शुक्रवार, 19 दिसंबर 2025 को संसद के शीतकालीन सत्र का समापन अपेक्षा से कहीं अधिक नाटकीय रहा। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद दोनों सदनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन में वंदे मातरम के बाद कार्यवाही समाप्त करने की घोषणा की। सत्र के दौरान लगातार हंगामे, आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बहसों के बीच यह फैसला लिया गया। हालांकि, सत्र के खत्म होते ही संसद भवन के भीतर जो नज़ारा दिखा, उसने सियासी तल्खी के बीच एक अलग ही तस्वीर पेश कर दी।
स्पीकर के चैंबर में चाय पर सियासत, कैमरे में कैद हुए ठहाके
सत्र समाप्त होने के बाद लोकसभा स्पीकर के चैंबर में विभिन्न दलों के नेताओं और सांसदों की एक अनौपचारिक बैठक हुई। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा एक साथ मौजूद रहे। चाय की मेज पर हुई इस बातचीत के दौरान नेताओं को हंसते-मुस्कुराते और हल्के-फुल्के अंदाज़ में चर्चा करते देखा गया। इस पल का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। आमतौर पर संसद में एक-दूसरे पर तीखे हमले करने वाले नेताओं को इस तरह सहज माहौल में देखकर लोग हैरान भी हुए और खुश भी।
#WATCH | Delhi | Lok Sabha Speaker Om Birla holds a meeting with the leaders of parties and Members of Parliament in Lok Sabha, in his Chamber in Parliament House on the conclusion of Winter Session of Parliament. Prime Minister Narendra Modi is also present at the meeting. pic.twitter.com/WwXmKiBaZp
— ANI (@ANI) December 19, 2025
कौन-कौन रहा मौजूद, राजनीति से परे दिखी आपसी सहजता
इस बैठक में केवल बड़े चेहरे ही नहीं, बल्कि विभिन्न दलों के प्रतिनिधि भी शामिल थे। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, चिराग पासवान, समाजवादी पार्टी सांसद धर्मेंद्र यादव समेत कई अन्य सांसद मौजूद रहे। सभी नेताओं ने साथ बैठकर चाय पी और संसद सत्र के अनुभवों पर बातचीत की। यह दृश्य इस बात का संकेत माना जा रहा है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद व्यक्तिगत स्तर पर संवाद और सौहार्द की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है। कई सांसदों ने इसे लोकतंत्र की खूबसूरती बताते हुए कहा कि बहस सदन के भीतर होती है, लेकिन बाहर संवाद बना रहना चाहिए।
राज्यसभा में सख्त संदेश, अनुशासन पर दी गई नसीहत
जहां एक ओर लोकसभा में सत्र का अंत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुआ, वहीं राज्यसभा से सख्त संदेश भी सामने आया। राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे उपराष्ट्रपति एवं सभापति सी. पी. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में शुरू हुई। आवश्यक कागजात और रिपोर्ट पेश करने के बाद सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इस मौके पर उन्होंने सदस्यों के व्यवहार पर नाराज़गी जताई और कहा कि पिछले दिन मंत्री के जवाब के दौरान विरोध, कागजात फाड़ना और अव्यवस्था सदन की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी सदस्य अपने आचरण पर आत्ममंथन करेंगे। इस टिप्पणी को संसद की कार्यवाही में अनुशासन बनाए रखने की सख्त चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है।
Read more-कथावाचक को यूपी पुलिस ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर ! मच गया बवाल, SP को DGP ने किया तलब
