Sonia Gandhi Statement: ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की इजरायल और अमेरिका के हमलों में मौत की खबर के बाद भारत में राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने कहा है कि इस मुद्दे पर भारत सरकार की तरफ से साफ बयान नहीं आना चिंता की बात है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह तटस्थ रहना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से पीछे हटना है। उनके अनुसार, इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय मामले पर देश को स्पष्ट रुख लेना चाहिए।
विदेश नीति पर की टिप्पणी
सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने अपने एक लेख में कहा कि किसी देश के बड़े नेता की इस तरह हत्या होना अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए गंभीर मामला है। सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने कहा कि भारत को ऐसे समय में संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का समर्थन करना चाहिए। उनका मानना है कि अगर भारत चुप रहता है तो इससे गलत संदेश जा सकता है। उन्होंने यह भी मांग की कि संसद में इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए, ताकि देश की विदेश नीति साफ दिखाई दे।
Grave Breach of International Norms, Deafening Silence From New Delhi pic.twitter.com/YEUWDRik7V
— Congress (@INCIndia) March 3, 2026
प्रधानमंत्री के बयानों पर सवाल
सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बाद में चिंता जताई और बातचीत की बात कही, लेकिन शुरू में सीधा बयान नहीं दिया। उनके अनुसार, इतनी बड़ी घटना पर सामान्य शब्दों से काम नहीं चलता। उन्होंने कहा कि जब दुनिया में तनाव बढ़ रहा हो, तब भारत जैसे बड़े देश को स्पष्ट और मजबूत आवाज उठानी चाहिए।
राहुल गांधी ने भी दी प्रतिक्रिया
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि चुप रहना तटस्थता नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि भारत को शांति और अंतरराष्ट्रीय नियमों के पक्ष में खड़ा होना चाहिए। अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है और क्या संसद में इस पर चर्चा होती है।
