बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है और नई सरकार के गठन को लेकर कयासों का दौर जारी है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने एक बड़ा कदम उठाते हुए वरिष्ठ नेता Shivraj Singh Chouhan को अहम जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी ने उन्हें बिहार में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता को लेकर चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि इस कदम से साफ संकेत मिल रहे हैं कि बीजेपी अब सरकार गठन की प्रक्रिया को तेज करने के मूड में है।
अरुण सिंह ने दी जानकारी
इस नियुक्ति की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव Arun Singh की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई। उन्होंने बताया कि पार्टी के संसदीय बोर्ड ने यह फैसला लिया है। वहीं, बिहार बीजेपी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, शिवराज सिंह चौहान 14 अप्रैल को Patna पहुंच सकते हैं। हालांकि उनके पूरे कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। इस दौरान विधायक दल की बैठक और नेता के चुनाव को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
नीतीश अभी कुर्सी पर, लेकिन BJP ने बढ़ाई हलचल
दिलचस्प बात यह है कि राज्य में अभी भी मुख्यमंत्री के तौर पर Nitish Kumar ही पद पर बने हुए हैं और उन्होंने इस्तीफा भी नहीं दिया है। इसके बावजूद बीजेपी द्वारा पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाने से राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि बीजेपी पहले ही सरकार बनाने की तैयारी में जुट गई है। इस घटनाक्रम को कई लोग सत्ता परिवर्तन के संकेत के तौर पर भी देख रहे हैं, जिससे बिहार की सियासत में अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
RJD का हमला, सियासी बयानबाजी तेज
इस फैसले के बाद विपक्ष ने भी बीजेपी पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता Sudhakar Singh ने कहा कि जब मुख्यमंत्री अभी पद पर हैं, तो इस तरह की तैयारी करना गलत संकेत देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी जल्दबाजी में राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। आने वाले कुछ दिन बिहार की राजनीति के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं, क्योंकि अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर मुख्यमंत्री पद को लेकर अगला कदम क्या होगा।
