पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहों का दौर लगातार जारी है। कुछ पोस्ट यह दावा कर रहे हैं कि इमरान खान को जेल में गंभीर नुकसान पहुंचा है और उनकी स्थिति ठीक नहीं है। इन दावों के बीच पाकिस्तान सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान न आने से असमंजस और भी बढ़ गया है। लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सच क्या है और सरकार क्यों चुप है।
शशि थरूर ने उठाए कड़े सवाल
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस मामले पर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर भारत के नेता किसी दूसरे देश के आंतरिक मुद्दों पर टिप्पणी नहीं करते, लेकिन इस मामले में चुप्पी स्वयं एक बड़ा सवाल बन चुकी है। थरूर के अनुसार कई लोग दावा कर रहे हैं कि इमरान खान के साथ जेल में बुरा व्यवहार किया गया, फिर भी पाकिस्तान सरकार या अधिकारियों का कोई बयान सामने नहीं आया है। यह स्थिति उन्हें बेहद चिंताजनक लगती है।
इमरान खान के बेटे ने मांगा ‘जिंदा होने’ का सबूत
इस पूरे विवाद ने तब और तूल पकड़ा जब इमरान खान के बेटे ने पाकिस्तान सरकार से अपने पिता के जिंदा होने का प्रमाण मांग लिया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने पिता की स्थिति की कोई जानकारी नहीं दी जा रही। शशि थरूर ने इसी बात को सबसे गंभीर बताते हुए कहा कि अभी तक किसी अधिकारी ने इमरान खान के स्वस्थ और जीवित होने का कोई भी प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया है। इससे शंकाएं और गहरी होती जा रही हैं।
सरकार की चुप्पी सवालों के घेरे में
इमरान खान को लेकर चल रही ये अफवाहें अब केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं रहीं। दुनिया भर में इस मुद्दे को लेकर चर्चा हो रही है। मानवाधिकार संगठनों और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में पारदर्शिता बेहद जरूरी होती है। पाकिस्तान सरकार की लगातार चुप्पी इस पूरे मामले को और उलझा रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार जल्द कोई स्पष्ट बयान जारी करेगी या रहस्य और गहराता जाएगा।
