मंगलवार को लोकसभा में हुए SIR पर चर्चा ने न सिर्फ सियासी हलचल बढ़ाई, बल्कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के रिश्तों में आई हालिया खटास को भी कम करने का काम किया। चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने कांग्रेस के सुझावों की खुलकर तारीफ की और कहा कि पार्टी में हाल के दिनों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। यह बयान विपक्षी एकता की ओर एक बड़ा संकेत माना गया। सदन में बहस खत्म होने के बाद जैसे ही सांसद बाहर निकले, माहौल बेहद दोस्ताना हो चुका था।
राहुल ने अखिलेश का हाथ पकड़कर ले गए कांग्रेस दफ्तर
संसद भवन से बाहर निकलते समय मीडिया ने अखिलेश यादव को घेर लिया था। ठीक उसी समय राहुल गांधी भी बाहर आ रहे थे। अखिलेश मीडिया से बात कर रहे थे, इसलिए राहुल कुछ देर इंतजार करते रहे। जैसे ही अखिलेश फ्री हुए, राहुल ने मुस्कुराते हुए उनका हाथ पकड़ा और साथ ले गए। दोनों नेता पुरानी संसद की इमारत में स्थित कांग्रेस कार्यालय पहुंचे, जहां पहले से ही एक केक रखा हुआ था। यह केक सोनिया गांधी के जन्मदिन के लिए तैयार किया गया था, और सभी सोनिया गांधी के आने का इंतजार कर रहे थे। यह दृश्य किसी फिल्मी फ्रेम से कम नहीं था—दो बड़े विपक्षी नेता साथ-साथ, मुस्कुराते हुए, और राजनीतिक तकरार से परे एक नए भरोसे की झलक दिखाते हुए।
सोनिया के बर्थडे पर दिखी नई दोस्ती
जैसे ही सोनिया गांधी कांग्रेस कार्यालय पहुंचीं, नेताओं ने तालियों के बीच उनका स्वागत किया। केक कटिंग सेरेमनी में माहौल बेहद सहज और पारिवारिक सा दिखा। मल्लिकार्जुन खरगे सोनिया के साथ बैठे थे और उनके बगल वाली कुर्सी पर अखिलेश यादव को जगह दी गई, जो अपने-आप में एक राजनीतिक संदेश था। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पास ही खड़े थे। केक कटने के बाद खरगे ने खुद राहुल, प्रियंका और अखिलेश को केक खिलाया। अखिलेश यादव पहले संकोच करते रहे, लेकिन माहौल इतना मित्रतापूर्ण था कि उन्होंने मुस्कुराते हुए स्वीकार कर लिया।
अखिलेश बोले—गठबंधन हमेशा रहेगा
केक कटिंग के बाद जब अखिलेश बाहर निकले तो मीडिया ने उनसे तुरंत सवाल किया—“सर, कौन सा केक था?”
अखिलेश ने हंसते हुए पहले डिंपल यादव से पूछा, फिर कहा, “बहुत अच्छा था।” इसके बाद उन्होंने सबसे बड़ा बयान दिया,“गठबंधन हमेशा रहेगा।”
सदन में कांग्रेस की तारीफ, राहुल का हाथ पकड़कर ले जाना, केक कटिंग सेरेमनी में शामिल होना—इन सारी घटनाओं ने मिलकर विपक्षी गठबंधन के भीतर नई ऊर्जा का संकेत दिया। राजनीतिक उठापटक के बीच कांग्रेस और सपा का यह नया गर्मजोशी भरा अंदाज़ बताता है कि दोनों दल आने वाले समय में एक साथ मजबूती से खड़े होने की तैयारी में हैं।
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