भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के तौर पर सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को शपथ ली, लेकिन सुर्खियां बटोरीं पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की मौजूदगी ने। शपथ ग्रहण समारोह में धनखड़ के शामिल होने पर उद्धव ठाकरे गुट का रुख खासा दिलचस्प रहा। शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने कहा कि जगदीप धनखड़ को बिल्कुल किसी से घबराने की जरूरत नहीं है और पूरा विपक्ष उनके साथ चट्टान बनकर खड़ा है। दुबे ने धनखड़ की लंबी उम्र और उनके साहस की भी सराहना की।
विपक्ष की एकजुटता का संदेश
आनंद दुबे के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। विपक्षी दलों के बीच जारी रणनीतिक चर्चाओं के बीच यह बयान न केवल एकता का संकेत देता है, बल्कि सत्ता पक्ष पर भी अप्रत्यक्ष वार करता है। दुबे ने साफ कहा कि धनखड़ ने हमेशा अपने पद की गरिमा बनाए रखी है और विपक्ष उनके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। इससे आने वाले राजनीतिक समीकरणों में भी दिलचस्प मोड़ आने की उम्मीद जताई जा रही है।
आगे की राजनीति पर नजरें
अब सियासी हलकों में अटकलें तेज हैं कि विपक्ष का यह रुख आने वाले महीनों में किस तरह के गठजोड़ का रूप लेगा। धनखड़ की मौजूदगी पर उद्धव गुट की यह प्रतिक्रिया बताती है कि विपक्ष किसी भी सियासी दबाव के सामने झुकने को तैयार नहीं है। आने वाले चुनावी मौसम में यह बयान सत्ता और विपक्ष दोनों के लिए नए समीकरण गढ़ सकता है।
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