भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी और उनके भाई को चुनाव आयोग की ओर से कोलकाता में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) सुनवाई के लिए तलब किए जाने के बाद राजनीतिक और खेल जगत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। यह सुनवाई मतदाता सूची के सत्यापन और दस्तावेजों से जुड़ी प्रक्रिया का हिस्सा बताई जा रही है। खास बात यह है कि शमी जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी का नाम इस प्रक्रिया से जुड़ने के बाद मामला और भी सुर्खियों में आ गया है। कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 93 से तृणमूल कांग्रेस की पार्षद मौसमी दास ने पुष्टि की है कि मोहम्मद शमी को आधिकारिक रूप से नोटिस मिल चुका है और उन्हें एसआईआर सुनवाई में उपस्थित होना है।
उत्तर प्रदेश में जन्म, कोलकाता में वोटर—यहीं उलझा मामला
सूत्रों के अनुसार, मोहम्मद शमी का जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ था, लेकिन वे बीते कई वर्षों से दक्षिण कोलकाता के जादवपुर विधानसभा क्षेत्र में पंजीकृत मतदाता हैं। इसी कारण उनकी जनगणना और मतदाता प्रपत्रों से जुड़े कुछ तकनीकी बिंदुओं पर चुनाव आयोग को स्पष्टीकरण की आवश्यकता पड़ी है। बताया जा रहा है कि इसी वजह से शमी और उनके भाई दोनों को सुनवाई के लिए समन जारी किया गया है। सोमवार को उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होना था, लेकिन उस समय वे राजकोट में विजय हजारे ट्रॉफी में व्यस्त थे। क्रिकेट प्रतिबद्धताओं के कारण वे तय तारीख पर नहीं पहुंच सके, हालांकि बाद में सुनवाई में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
सिर्फ शमी नहीं, सांसद देव को भी भेजा गया नोटिस
इस घटनाक्रम को और ज्यादा राजनीतिक रंग तब मिला, जब अभिनेता और तृणमूल कांग्रेस सांसद देव (दीपक अधिकारी) को भी एसआईआर सुनवाई के लिए समन भेजे जाने की जानकारी सामने आई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, देव के साथ उनके परिवार के तीन अन्य सदस्यों को भी मतदाता सूची से संबंधित सुनवाई के नोटिस जारी किए गए हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें किस तारीख और समय पर दस्तावेजों के साथ सुनवाई केंद्र पर उपस्थित होना है। नोटिस मिलने के बाद देव या उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन इस कदम को लेकर राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखी जा रही हैं।
TMC का आरोप—प्रक्रिया के नाम पर उत्पीड़न
तृणमूल कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि एक लोकप्रिय अभिनेता और निर्वाचित सांसद को इस तरह का नोटिस भेजना केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव और उत्पीड़न जैसा है। TMC नेताओं का दावा है कि एसआईआर की प्रक्रिया को चुनिंदा लोगों के खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण पूरी तरह नियमित प्रक्रिया है और इसमें किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह खिलाड़ी हो या सांसद, नियमों के तहत बुलाया जा सकता है। इस बीच मोहम्मद शमी से जुड़े इस घटनाक्रम ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि क्या आने वाले दिनों में और भी चर्चित नाम इस प्रक्रिया के दायरे में आ सकते हैं।
