Monday, February 2, 2026
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TMC से निलंबन के बाद हुमायूं कबीर का बड़ा दांव! नई पार्टी, नया नाम और चुनाव चिन्ह पर चौंकाने वाला प्लान

तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने अपनी नई पार्टी जनता उन्नयन पार्टी का ऐलान कर दिया है। जानें पार्टी का नाम, पसंदीदा चुनाव चिन्ह

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तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने सोमवार को अपनी नई राजनीतिक पार्टी के नाम का औपचारिक ऐलान कर पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी। लंबे समय से अटकलों के बीच कबीर ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का नाम जनता उन्नयन पार्टी (JUP) होगा। उन्होंने कहा कि यह पार्टी आम लोगों की आवाज़ बनेगी और जमीनी मुद्दों को प्राथमिकता देगी। कबीर के अनुसार, मौजूदा राजनीतिक दलों से जनता का भरोसा धीरे-धीरे कमजोर हुआ है और इसी खाली जगह को भरने के लिए JUP का गठन किया गया है। उनका दावा है कि पार्टी न केवल विरोध की राजनीति करेगी, बल्कि शासन का एक वैकल्पिक मॉडल भी पेश करेगी। TMC से निलंबन के बाद पहली बार इतने स्पष्ट और आक्रामक अंदाज़ में सामने आए कबीर ने यह संकेत भी दिया कि आने वाले दिनों में वे कई बड़े राजनीतिक ऐलान कर सकते हैं।

294 सीटों पर नजर, JUP की चुनावी तैयारी

नई पार्टी के गठन के साथ ही हुमायूं कबीर ने चुनावी रणनीति भी सार्वजनिक कर दी है। उन्होंने कहा कि जनता उन्नयन पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों में राज्य की सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। उनका मानना है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति अब दो-तीन दलों तक सीमित नहीं रह गई है और जनता नए विकल्प की तलाश में है। कबीर ने भरोसा जताया कि JUP इस खालीपन को भरने में सक्षम होगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का फोकस केवल सीटों की संख्या पर नहीं, बल्कि प्रभावी उपस्थिति पर रहेगा। कुल मिलाकर JUP करीब 182 सीटों पर सक्रिय रूप से चुनाव लड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। उनका दावा है कि पार्टी की मौजूदगी कई सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय बना सकती है, जिससे सत्ता संतुलन पूरी तरह बदल सकता है।

चुनाव चिन्ह को लेकर क्या है पहली पसंद

पार्टी के नाम के साथ-साथ चुनाव चिन्ह को लेकर भी हुमायूं कबीर ने स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने बताया कि उनकी पहली पसंद ‘टेबल’ चुनाव चिन्ह है। इसके अलावा ‘गुलाब’ और ‘नारियल का पेड़’ को भी वैकल्पिक चिन्ह के रूप में रखा गया है। हालांकि अंतिम फैसला चुनाव आयोग के स्तर पर होगा। कबीर ने कहा कि चुनाव चिन्ह ऐसा होना चाहिए जो आम आदमी से जुड़ा हो और जिसे पहचानना आसान हो। उनके अनुसार, चुनाव चिन्ह केवल एक प्रतीक नहीं होता, बल्कि पार्टी की सोच और दिशा को भी दर्शाता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जैसे ही आयोग से हरी झंडी मिलेगी, पार्टी का संगठनात्मक विस्तार तेज़ी से शुरू किया जाएगा और जिला स्तर पर टीमें गठित की जाएंगी।

मुर्शिदाबाद से गठजोड़ की कोशिश, अकेले लड़ने का भी दावा

रणनीतिक तौर पर हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद को JUP का मजबूत आधार बताया है। उन्होंने कहा कि जिले की 30 विधानसभा सीटों को लेकर वे विभिन्न दलों से बातचीत के लिए तैयार हैं। कबीर के अनुसार, वाम मोर्चा (माकपा) के साथ तीन सीटें, इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के साथ एक सीट और अधीर रंजन चौधरी के नेतृत्व वाली कांग्रेस के साथ नौ सीटें साझा करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। अगर इन दलों से सहमति बनती है तो गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा जाएगा, अन्यथा JUP सभी 30 सीटों पर अकेले दम पर मैदान में उतरेगी। कबीर का दावा है कि उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल में अगली सरकार के गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में उनकी पार्टी का एजेंडा, घोषणापत्र और नेतृत्व संरचना सार्वजनिक की जाएगी, जिससे साफ हो जाएगा कि JUP सिर्फ एक नई पार्टी नहीं, बल्कि एक गंभीर राजनीतिक ताकत बनने जा रही है।

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