संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक भूचाल आ गया है। कांग्रेस सांसद और पूर्व मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि को देशभक्ति का प्रमाण पत्र देने का अधिकार नहीं है। रंधावा ने साफ कहा, “हमसे देशप्रेम का सबूत मांगना अपमानजनक है। हमारे पुरखों ने देश के लिए बलिदान दिए हैं, हमें प्रमाण पत्र की ज़रूरत नहीं।”
“देश के नाम पर राजनीति न करें” – रंधावा का पलटवार
सुखजिंदर रंधावा ने मीडिया से बातचीत में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “प्रधानमंत्री का यह बयान संवेदनशील मसले को राजनीतिक रंग देने जैसा है। सेना के अभियानों को लेकर पूरा देश गर्व करता है, लेकिन उन्हें संसद में राजनीतिक हथियार बनाना ठीक नहीं।” रंधावा ने कहा कि विपक्ष का विरोध देश विरोध नहीं होता। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस सरकारों के समय भी देश की सुरक्षा के लिए बड़े ऑपरेशन हुए, लेकिन कभी उनका राजनीतिक इस्तेमाल नहीं किया गया।
#WATCH | Jaipur | On PM Modi’s speech in Lok Sabha, Congress MP Sukhjinder Singh Randhawa says, “…We do not need a certificate from Prime Minister Modi or Union Home Minister Amit Shah for our patriotism. The world knows what role the Congress Party has played in the country’s… pic.twitter.com/tknEtBTfJx
— ANI (@ANI) July 30, 2025
कांग्रेस ने भी जताई तीखी नाराज़गी
कांग्रेस पार्टी ने भी इस मसले पर केंद्र सरकार को घेरा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मोदी सरकार हर बार राष्ट्रवाद का चश्मा पहनाकर विपक्ष की आलोचना करती है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर प्रधानमंत्री की टिप्पणी से यह संकेत गया कि जैसे केवल सरकार ही देशभक्ति की ठेकेदार है। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि यह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक सोच है। संसद सत्र के बीच इस बयान ने विपक्ष और सरकार के बीच तल्खी को और गहरा कर दिया है।
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