संजय सरावगी का राजनीतिक सफर किसी अचानक मिले पद या संयोग का नतीजा नहीं है, बल्कि यह वर्षों की संगठनात्मक मेहनत और जमीनी जुड़ाव का परिणाम माना जा रहा है। उन्होंने राजनीति की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से की थी। छात्र राजनीति के दौरान ही वे संगठन, अनुशासन और विचारधारा से जुड़े, जिसने आगे चलकर उनके राजनीतिक जीवन की नींव रखी। ABVP में सक्रिय रहते हुए उन्होंने युवाओं के मुद्दों, शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक सरोकारों पर काम किया। इसी दौर में उनकी पहचान एक सक्रिय, मेहनती और संगठन के प्रति समर्पित कार्यकर्ता के रूप में बनी। यही वजह रही कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें धीरे-धीरे बड़ी जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया। छात्र राजनीति से निकलकर उन्होंने जनसेवा को अपना उद्देश्य बनाया और स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ बनाई, जो आगे चलकर उनके चुनावी सफर में काम आई।
2005 से जीत का सिलसिला
संजय सरावगी ने पहली बार वर्ष 2005 में दरभंगा सदर विधानसभा सीट से विधायक के रूप में जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। लगातार चुनाव जीतते हुए वे छह बार विधायक बने, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। दरभंगा सदर सीट पर उनकी जीत का कारण क्षेत्र के लोगों से सीधा संवाद, स्थानीय मुद्दों पर पकड़ और लगातार सक्रिय रहना बताया जाता है। वे आम जनता के बीच आसानी से उपलब्ध रहने वाले नेता माने जाते हैं। सड़क, जमीन, राजस्व और प्रशासनिक समस्याओं को लेकर उन्होंने विधानसभा से लेकर सरकार तक आवाज उठाई। इसी वजह से उन्हें क्षेत्र में एक भरोसेमंद और स्थायी नेता के रूप में देखा जाता है। छह बार लगातार जीत दर्ज करना यह दर्शाता है कि जनता का विश्वास उनके साथ लंबे समय से बना हुआ है।
मंत्री पद का अनुभव और प्रशासनिक समझ
विधायक रहने के साथ-साथ संजय सरावगी को बिहार सरकार में भूमि सुधार और राजस्व विभाग की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। मंत्री के रूप में उन्होंने जमीन से जुड़े मामलों, दाखिल-खारिज, राजस्व विवाद और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर ध्यान दिया। यह विभाग आम लोगों से सीधे जुड़ा होता है, ऐसे में उनके अनुभव ने उन्हें प्रशासनिक कामकाज की गहरी समझ दी। मंत्री रहते हुए उन्होंने अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम किया और जनता की शिकायतों के समाधान पर जोर दिया। इस अनुभव का लाभ अब संगठन को भी मिलने की उम्मीद की जा रही है। पार्टी के भीतर उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देखा जाता है, जो संगठन और सरकार—दोनों के कामकाज को संतुलित ढंग से समझते हैं।
संजय सरावगी बिहार BJP के नए प्रदेश अध्यक्ष
भारतीय जनता पार्टी ने संजय सरावगी को बिहार का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर संगठन को एक अनुभवी और जमीनी नेता सौंपा है। यह घोषणा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह के हस्ताक्षर से जारी पत्र के माध्यम से की गई। वे अब दिलीप जायसवाल की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उनके सामने संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरना और आगामी चुनावों के लिए पार्टी को तैयार करना बड़ी चुनौती होगी। वैश्य समुदाय से आने वाले संजय सरावगी का सामाजिक संतुलन भी पार्टी के लिए अहम माना जा रहा है। लंबे संगठनात्मक अनुभव, लगातार चुनावी जीत और प्रशासनिक समझ के कारण पार्टी नेतृत्व को उनसे काफी उम्मीदें हैं। बिहार की राजनीति में उनकी नई भूमिका आने वाले समय में भाजपा की रणनीति और दिशा को तय करने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
