देशभर में UGC के नए नियमों को लेकर सवर्ण समाज में भारी रोष देखने को मिल रहा है। सामान्य वर्ग ने इन नियमों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और कई राज्यों में सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। खासकर उत्तर प्रदेश में भाजपा के कुछ नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस नियम को असमान और अनुचित बताया है। इस बीच, राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि शिक्षा नीति में बदलाव को लेकर जनता और सरकार के बीच तनाव बढ़ सकता है।
सामाजिक मीडिया और न्यूज चैनलों पर भी इस विषय को लेकर तीखी बहस चल रही है। लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या इन नए नियमों से समाज में जातिगत असमानता और विरोध बढ़ेगा। इसी माहौल में सीएम योगी आदित्यनाथ का हालिया बयान पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।
सीएम योगी का जातिवाद पर स्पष्ट संदेश
गोरखपुर में रेल उपरिगामी सेतु और 4-लेन मार्ग पर फ्लाईओवर के लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जातिवाद और उपद्रव के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया। सीएम योगी ने कहा कि जब भी विकास की प्रक्रिया तेज होगी, कुछ परिवारवादी और जातिवादी ताकतें अव्यवस्था फैलाने की कोशिश करेंगी। उन्होंने कहा कि उनके आका भी पीछे से यह कहते होंगे कि “पैसा लिया है तो कुछ उपद्रव तो करो।”
सीएम योगी ने साफ किया कि अब प्रदेश में उपद्रवियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा, “यूपी अब उपद्रव प्रदेश नहीं बल्कि उत्सव प्रदेश है। हम विकास और उत्सव की संस्कृति को बढ़ावा देंगे, जातिवाद और उपद्रव को नहीं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की असमानता या जातिवाद को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा।
दंगाइयों के हमदर्दों पर सीएम योगी योगी का प्रहार
सीएम योगी ने कहा कि जो लोग पहले जातिगत राजनीति करते थे, वे अब दंगाइयों के हमदर्द बन गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में भय, दंगे और अराजकता का माहौल था, और प्रदेश की बेटियां तथा व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। अब दंगाई अपने बिल में जा चुके हैं और प्रदेश दंगा मुक्त हो गया है।
सीएम योगी ने कहा, “जो लोग दंगाइयों के सामने नाक रगड़ते थे, आज उनके दर्द हो रहे हैं। सब परेशान हैं कि अब दंगाइयों का साम्राज्य खत्म हो गया और यूपी में विकास और सुरक्षा का माहौल बन चुका है।” उन्होंने जनता से अपील की कि अब जातिवाद के नाम पर किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए और सभी वर्गों को एक साथ लेकर प्रदेश का विकास करना चाहिए।
विकास और उत्सव की ओर उत्तर प्रदेश
सीएम योगी ने गोरखपुर के उदाहरण के जरिए बताया कि यूपी अब मच्छर और इंसेफेलाइटिस जैसी समस्याओं के लिए नहीं बल्कि विकास और निवेश के लिए पहचाना जाता है। उन्होंने कहा कि जो लोग जाति के नाम पर प्रदेश के नौजवानों के साथ खिलवाड़ करते थे, वे अब निराश हैं क्योंकि प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि यूपी में अब समाजिक समरसता और विकास को बढ़ावा मिलेगा। उनका संदेश साफ था कि जातिवाद और उपद्रव की राजनीति को खत्म करके प्रदेश को शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और बुनियादी ढांचे के मामले में आगे बढ़ाया जाएगा। सीएम का यह बयान सवर्ण समाज के आंदोलन और UGC के नियमों को लेकर मची बहस के बीच एक संतुलन बनाने की कोशिश माना जा रहा है।
Read More-UGC कानून को लेकर अपनी ही BJP सरकार पर भड़के बृजभूषण शरण सिंह, कहा-‘‘ समाज कागज से नहीं…”
