केंद्रीय बजट 2026 को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बजट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। केजरीवाल ने दावा किया कि यह बजट देश की दो सबसे बड़ी समस्याओं—महंगाई और बेरोजगारी—को हल करने के बजाय और बढ़ाने वाला साबित होगा। उन्होंने कहा कि आज के समय में आम आदमी, खासकर युवा वर्ग, रोजगार और बढ़ती महंगाई से सबसे ज्यादा परेशान है, लेकिन बजट 2026 में इन मुद्दों को लेकर कोई ठोस योजना या ब्लूप्रिंट नजर नहीं आता।
केजरीवाल ने कहा कि बजट भाषण और दस्तावेजों में बड़े-बड़े आंकड़े और दावे जरूर किए गए हैं, लेकिन जमीनी सच्चाई इससे अलग है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश के करोड़ों युवा नौकरी की तलाश में भटक रहे हैं, तो उनके लिए रोजगार सृजन का साफ रोडमैप क्यों नहीं दिखता। उनके मुताबिक यह बजट आम लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने में नाकाम रहा है और आने वाले समय में इसका असर सीधा जनता की जेब पर पड़ेगा
‘रोजगार का कोई ब्लूप्रिंट नहीं’, महंगाई बढ़ने का जताया डर
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मौजूदा दौर में हर परिवार की सबसे बड़ी चिंता दो चीजें हैं—घर चलाने का खर्च और बच्चों का भविष्य। उन्होंने दावा किया कि बजट 2026 इन दोनों मोर्चों पर राहत देने में असफल रहा है। केजरीवाल के अनुसार, महंगाई पहले से ही आम आदमी की कमर तोड़ रही है और इस बजट के बाद रोजमर्रा की चीजें और महंगी हो सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकार के पास कोई स्पष्ट रणनीति नहीं है। बजट में कहीं भी यह साफ नहीं होता कि आने वाले वर्षों में कितनी नौकरियां पैदा होंगी और किन सेक्टर्स में युवाओं को अवसर मिलेंगे। केजरीवाल ने कहा कि केवल घोषणाओं से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इसके लिए ठोस नीतियां और जमीन पर काम दिखना चाहिए। उनके मुताबिक, अगर सरकार ने समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया, तो बेरोजगारी और महंगाई दोनों ही और गंभीर रूप ले सकती हैं।
गोवा का जिक्र तक नहीं, केंद्र सरकार पर उपेक्षा का आरोप
बजट 2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए अरविंद केजरीवाल ने खासतौर पर गोवा को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पूरा बजट देखा तो सबसे पहले यह बात सामने आई कि बजट में गोवा के लिए कुछ भी नहीं है। यहां तक कि पूरे बजट भाषण और दस्तावेजों में ‘गोवा’ शब्द तक का जिक्र नहीं किया गया।
केजरीवाल ने दावा किया कि इससे साफ होता है कि केंद्र सरकार ने गोवा को पूरी तरह भुला दिया है। उन्होंने कहा कि गोवा के लोगों की समस्याओं, विकास और बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज किया गया है। उनके मुताबिक यह सिर्फ गोवा ही नहीं, बल्कि उन राज्यों और क्षेत्रों के साथ अन्याय है, जिनकी आवाज केंद्र तक नहीं पहुंच पा रही है। केजरीवाल ने यह भी कहा कि एक राष्ट्रीय बजट में सभी राज्यों की जरूरतों और संतुलित विकास को ध्यान में रखा जाना चाहिए, लेकिन इस बजट में वह संतुलन नजर नहीं आता।
‘15 साल में गोवा बर्बाद’, बीजेपी पर भ्रष्टाचार और डर का आरोप
गोवा को लेकर अपने विजन पर बात करते हुए अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले 15 साल से गोवा में बीजेपी की सरकार है और इस दौरान राज्य को भारी नुकसान पहुंचा है। केजरीवाल के मुताबिक गोवा में चारों तरफ भ्रष्टाचार फैला हुआ है और आम लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
उन्होंने दावा किया कि कई इलाकों में पानी, सीवर, स्वास्थ्य सेवाओं और सड़कों की हालत बेहद खराब है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में डर का माहौल है और लोग खुलकर अपनी समस्याएं बताने से भी घबराते हैं। केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता लोगों को डराने का काम करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गोवा में कांग्रेस और बीजेपी के बीच अंदरूनी समझ है और कांग्रेस, बीजेपी के लिए काम कर रही है।
केजरीवाल के मुताबिक गोवा की जनता अब एक नया विकल्प चाहती है, जो भ्रष्टाचार मुक्त शासन, बेहतर सुविधाएं और रोजगार के अवसर दे सके। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इसी विकल्प के तौर पर सामने आ रही है और जनता की आवाज को मजबूती से उठाएगी।
