इटावा के सैफई क्षेत्र के नंदपुर गांव में शुक्रवार देर शाम एक ड्रोन अचानक गेहूं के खेत में गिर गया। ड्रोन में लाइट्स जल रही थीं, जिससे स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने शुरुआती समय में इसे मिसाइल या किसी गंभीर खतरे के रूप में समझा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीएस सैफई मौके पर पहुंचे और लोगों से दूरी बनाए रखने की अपील की। पुलिस ने ड्रोन के मलबे को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि ड्रोन लगभग 2-3 फीट लंबा था और गिरने से खेत में हल्का नुकसान हुआ, लेकिन किसी को चोट नहीं आई।
अखिलेश यादव ने उठाए सवाल, BJP पर तंज
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले पर बीजेपी सरकार को घेरा। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि अचानक ड्रोन के गिरने से क्षेत्र में दहशत मच गई। उन्होंने पूछा कि अगर सरकार ड्रोन ही नियंत्रित नहीं कर पा रही है, तो सैफई में जहाज उड़ाने की योजना पर भरोसा कैसे किया जा सकता है। अखिलेश ने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है, और सरकार को तुरंत जांच कराकर किसान को हुए आर्थिक नुकसान और मानसिक आघात का मुआवजा देना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि भविष्य में ड्रोन और अन्य परीक्षण केवल निर्जन क्षेत्रों में ही किए जाएं।
युद्ध के वातावरण में अचानक किसी खेत में एक बड़े ड्रोन के, गेहूँ के खेत में गिरने से इटावा ज़िले के सैफई इलाके के नंदपुर गाँव में दहशत और अफ़रातफ़री मच गयी। लोगों ने सोचा कहीं कोई मिसाइल तो नहीं, जो युद्ध क्षेत्र से भटक कर यहाँ आ गिरी है।
अगर ये किसी सरकारी परीक्षण-टेस्ट या… pic.twitter.com/2tlICy92BK
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 4, 2026
प्रशासन और मीडिया का रुख
हालांकि अभी तक ड्रोन का मालिक स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक यह मौसम विभाग से संबंधित हो सकता है। खराब मौसम के चलते तकनीकी खराबी के कारण यह ड्रोन नीचे गिरा। पुलिस प्रशासन ने अफवाहों से बचने और ग्रामीणों को घबराने से रोकने के लिए सतर्कता बरतने की अपील की। मीडिया में इस घटना को लेकर चर्चा जारी है और आसपास के इलाके में लोग इस ड्रोन को लेकर उत्सुकता भी जता रहे हैं।
जांच जारी, किसान को मुआवजा चाहिए
पुलिस और प्रशासन ने ड्रोन के मलबे की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि यह ड्रोन किन परिस्थितियों में और क्यों गिरा। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह दुर्घटना किसी बस्ती में होती तो बड़ा नुकसान हो सकता था। अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि किसानों को हुए नुकसान की भरपाई की जानी चाहिए। यह घटना प्रशासन और सरकार के लिए चेतावनी है कि तकनीकी उपकरणों का परीक्षण सुरक्षित तरीके से ही किया जाए, ताकि आम लोगों की जान और संपत्ति सुरक्षित रहे।
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