Zomato ने ग्राहकों को बड़ा झटका देते हुए अपनी प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी कर दी है। अब हर ऑर्डर पर ₹12.5 की जगह ₹14.9 शुल्क लगेगा, यानी लगभग 19.2% की वृद्धि हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फैसले का मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और देश में LPG की कमी बताई जा रही है। इससे डिलीवरी पार्टनर्स की लागत बढ़ रही थी और कंपनी ने इसे ग्राहक पर डालने का निर्णय लिया।
LPG की कमी का असर रेस्टोरेंट्स पर
LPG की सप्लाई में व्यवधान के चलते रेस्टोरेंट्स की रोजमर्रा की ऑपरेशन लागत बढ़ गई है। खाना पकाने में देरी और उत्पादन लागत में इजाफा सीधे तौर पर प्लेटफॉर्म फीस पर असर डाल रहा है। इसके अलावा, सप्लाई की चुनौतियों के कारण कुछ रेस्टोरेंट्स ऑर्डर कम कर सकते हैं, जिससे ग्राहकों को भी विकल्प सीमित दिखाई दे सकते हैं। कोटक सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे हालात में फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के लिए लागत को नियंत्रित रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
कंपनी और बाजार का रुख
Zomato का मानना है कि वैश्विक आर्थिक स्थिति और मध्य पूर्व में तनाव जैसी परिस्थितियों ने डिलीवरी सेक्टर पर दबाव डाला है। JM फाइनेंशियल के मुताबिक, कंपनी में लीडरशिप बदलाव और क्विक कॉमर्स क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने हाल की कीमत वृद्धि को प्रभावित किया। 20 मार्च को इटरनल के शेयर में 2% की बढ़त देखी गई। कंपनी का कहना है कि जैसे ही वैश्विक हालात सामान्य होंगे, प्लेटफॉर्म फीस पर स्थिरता लौटेगी।
ग्राहकों के लिए क्या बदल जाएगा?
अब हर ऑर्डर के साथ ग्राहकों को थोड़े ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। इससे घर बैठे खाना मंगाना पहले की तुलना में महंगा पड़ सकता है। वहीं, Swiggy फिलहाल अपने हर ऑर्डर पर लगभग ₹14.99 शुल्क ले रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्राहकों को इस बढ़ोतरी के साथ अपने ऑर्डर की आदतों पर ध्यान देना होगा, जबकि प्लेटफॉर्म्स और रेस्टोरेंट्स को लागत और मांग के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण रहेगा।
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