शुक्रवार का दिन सोना-चांदी में निवेश करने वालों के लिए किसी झटके से कम नहीं रहा। बुलियन मार्केट में अचानक इतनी तेज गिरावट आई कि कारोबारियों से लेकर आम खरीदार तक हैरान रह गए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतें बुरी तरह टूट गईं। एक ही दिन में चांदी करीब 1 लाख रुपये प्रति किलो तक गिर गई, जबकि सोना लगभग 33 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया। इससे पहले कुछ ही दिनों में सोना और चांदी लगातार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच रहे थे। इसी तेज उछाल के बाद अब भारी गिरावट देखने को मिली है। जानकारों का कहना है कि यह गिरावट अचानक जरूर दिख रही है, लेकिन बाजार में पहले से इसके संकेत बन रहे थे।
विदेशी बाजार से भी झटका, डॉलर और ब्याज दर का असर
घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी गई। हाल ही में सोने ने 5,480 डॉलर प्रति औंस का ऊंचा स्तर छुआ था, लेकिन वहां से फिसलते हुए इसमें 11 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ गई। अमेरिका में कारोबार के दौरान सोना करीब 4,763 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी की गिरावट और ज्यादा रही। मार्च डिलीवरी वाली चांदी 118 डॉलर प्रति औंस के स्तर से टूटकर करीब 78 डॉलर पर पहुंच गई। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका से आए मजबूत आर्थिक आंकड़ों के चलते वहां ब्याज दरों में जल्दी कटौती की उम्मीद कम हो गई है। जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं तो निवेशक सोना-चांदी से पैसा निकालकर बांड और शेयर जैसे विकल्पों की तरफ जाते हैं, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ता है।
आज क्या चल रहा है सोना-चांदी का भाव
अगर आज के ताजा भाव देखें तो स्थानीय बाजार में 24 कैरेट सोना करीब 1,60,580 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास चल रहा है। 22 कैरेट सोने का भाव लगभग 1,47,200 रुपये और 18 कैरेट सोना करीब 1,20,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है। चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट के बाद भी इसका भाव अभी भी ऊंचा बना हुआ है और बाजार में यह करीब 3,40,000 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रही है। MCX पर मार्च एक्सपायरी वाली चांदी करीब 2,91,000 रुपये प्रति किलो तक आ गई है, जबकि एक दिन पहले यह करीब 4 लाख रुपये के पास थी। सोने का वायदा भाव भी MCX पर गिरकर करीब 1,50,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास आ गया है।
क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट
सोने-चांदी में आई इस भारी गिरावट की सबसे बड़ी वजह मुनाफावसूली मानी जा रही है। बीते कई दिनों से कीमतें लगातार बढ़ रही थीं, ऐसे में निवेशकों ने ऊंचे दामों पर बिकवाली कर मुनाफा कमा लिया। केडिया एडवायरजरी के मुताबिक, हाल की तेजी जरूरत से ज्यादा हो चुकी थी, इसलिए करेक्शन आना तय था। चांदी का बाजार सोने की तुलना में छोटा और ज्यादा उतार-चढ़ाव वाला होता है, इसी वजह से इसमें गिरावट भी ज्यादा तेज दिखी। इसके अलावा, चांदी की औद्योगिक मांग को लेकर भी चिंता बनी हुई है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मांग कमजोर रहने की आशंका ने कीमतों पर दबाव डाला है। साथ ही अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख और डॉलर की मजबूती ने भी सोना-चांदी को नीचे खींचा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आगे भी बाजार में उतार-चढ़ाव रह सकता है, इसलिए निवेश से पहले सावधानी जरूरी है।
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