आज के समय में ड्रोन सिर्फ फिल्मों की शूटिंग या शादी के वीडियो तक सीमित नहीं हैं। ये अब खेती से लेकर डिफेंस तक हर सेक्टर में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं। सरकार ने भी ड्रोन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए कई नई नीतियाँ बनाई हैं। भारत में यह सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले कुछ वर्षों में लाखों रोजगार देने की क्षमता रखता है।
ड्रोन चलाना अब कोई मुश्किल काम नहीं रहा। अगर आपके पास थोड़ी तकनीकी समझ और उड़ान का जुनून है, तो आप ड्रोन पायलट बन सकते हैं। इसके लिए ज़रूरी है कि आप DGCA (Directorate General of Civil Aviation) द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से ट्रेनिंग लें और ड्रोन पायलट सर्टिफिकेट हासिल करें।
DGCA ने देशभर में कई Authorized Drone Training Organisations (DTOs) को अनुमति दी है जो उम्मीदवारों को ड्रोन उड़ाने की प्रैक्टिकल और थ्योरी ट्रेनिंग देते हैं। इन संस्थानों में आपको हवाई नियम, एयरस्पेस, सुरक्षा प्रक्रिया और ड्रोन के अलग-अलग हिस्सों के बारे में पूरी जानकारी दी जाती है।
ड्रोन पायलट बनने की प्रक्रिया और योग्यता
अगर आप ड्रोन पायलट बनने की सोच रहे हैं तो सबसे पहले यह जान लें कि इसके लिए कौन-कौन सी योग्यताएँ जरूरी हैं:
आयु सीमा: आपकी उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
शैक्षणिक योग्यता: किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना पर्याप्त है।
मेडिकल फिटनेस: आपको एक बेसिक मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट जमा करना होता है।
KYC डॉक्यूमेंट्स: आधार कार्ड, फोटो और एड्रेस प्रूफ जरूरी हैं।
इन शर्तों को पूरा करने के बाद आप DGCA की वेबसाइट पर जाकर मान्यता प्राप्त ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर में एडमिशन ले सकते हैं।
ट्रेनिंग के दौरान आपको मौसम की जानकारी, एयर ट्रैफिक रूल्स, ड्रोन हार्डवेयर, बैटरी मैनेजमेंट और इमरजेंसी लैंडिंग जैसी अहम चीजें सिखाई जाती हैं। कोर्स पूरा होने के बाद एक टेस्ट लिया जाता है, जिसे पास करने पर Remote Pilot Certificate (RPC) जारी किया जाता है। यह सर्टिफिकेट डिजिटल फॉर्म में DGCA के पोर्टल पर अपलोड होता है और इसे देशभर में वैध माना जाता है। इस सर्टिफिकेट के जरिए आप Nano, Micro, Small या Medium श्रेणी के ड्रोन उड़ा सकते हैं।
कोर्स फीस: ट्रेनिंग की अवधि 5 से 7 दिन की होती है और फीस आम तौर पर ₹25,000 से ₹65,000 तक रहती है, जो ड्रोन के कैटेगरी और संस्थान पर निर्भर करती है।
कहां मिलेगी नौकरी और कितना कमा सकते हैं ड्रोन पायलट?
भारत में अब ड्रोन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कई क्षेत्रों में होने लगा है जैसे खेती में कीटनाशक छिड़काव, ज़मीन की मैपिंग, निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग, पुलिस सर्विलांस, फॉरेस्ट सर्वे और डिफेंस मिशन। इन सभी कामों में प्रोफेशनल ड्रोन पायलट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है।
सरकार की “ड्रोन शक्ति योजना” के तहत युवाओं को ट्रेनिंग देकर उन्हें सरकारी और प्राइवेट प्रोजेक्ट्स से जोड़ा जा रहा है। साथ ही, Survey of India, ISRO, NTPC, Reliance, Adani Group और कई प्राइवेट मीडिया प्रोडक्शन हाउस भी ट्रेनिंग प्राप्त ड्रोन ऑपरेटर्स को हायर कर रहे हैं।
अगर आप चाहें तो फ्रीलांस ड्रोन पायलट बनकर भी काम कर सकते हैं। शादी, म्यूजिक वीडियो, फिल्म शूट, रियल एस्टेट प्रोजेक्ट या स्पोर्ट्स इवेंट में ड्रोन शूटिंग की भारी मांग रहती है।
जहाँ शुरुआती स्तर पर एक नए पायलट को 30,000 से 50,000 रुपये प्रतिमाह की कमाई होती है, वहीं अनुभवी और सर्टिफाइड पायलट्स 1 लाख रुपये या इससे भी अधिक कमा सकते हैं। फ्रीलांस काम करने वालों के लिए एक प्रोजेक्ट की फीस 5,000 से लेकर 25,000 रुपये तक हो सकती है।
ड्रोन इंडस्ट्री का भविष्य और युवाओं के लिए मौका
ड्रोन तकनीक भविष्य की ज़रूरत बन चुकी है। चाहे बात स्मार्ट सिटी की हो, कृषि की निगरानी की या डिजास्टर मैनेजमेंट की — हर क्षेत्र में ड्रोन की भूमिका अहम है। इसी वजह से भारत सरकार “Make in India” मिशन के तहत घरेलू ड्रोन निर्माण को भी प्रोत्साहित कर रही है।
अगर आप एक स्थिर और तकनीकी करियर की तलाश में हैं, तो यह क्षेत्र आपके लिए बेहतरीन साबित हो सकता है। सही ट्रेनिंग, सर्टिफिकेट और थोड़े अनुभव के साथ आप भी देश के “स्काई ऑपरेटर्स” की सूची में शामिल हो सकते हैं।
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