दिल्ली के ऐतिहासिक इलाके तुर्कमान गेट के पास उस वक्त हालात तनावपूर्ण हो गए, जब नगर निगम (MCD) की टीम अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर पहुंची। यह कार्रवाई कोर्ट के निर्देशों के तहत की जा रही थी, लेकिन अचानक भीड़ के एक हिस्से ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते हालात बिगड़ गए और एमसीडी कर्मचारियों व पुलिस पर पत्थरबाजी होने लगी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा और इलाके में देर रात तक तनाव बना रहा। इस घटना ने राजधानी की कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए।
आधी रात मौजूद थे सपा सांसद? नाम सामने आते ही तेज हुई राजनीतिक हलचल
इस पूरे मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि उत्तर प्रदेश के रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी घटना के वक्त तुर्कमान गेट इलाके में मौजूद थे। बताया जा रहा है कि वह देर रात वहां पहुंचे और लोगों से बातचीत की। इसके बाद हालात और ज्यादा बिगड़ गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सांसद की भूमिका की जांच की जा रही है और उनसे पूछताछ भी संभव है। यह भी सामने आया है कि मोहिबुल्लाह नदवी संसद भवन के पास स्थित एक मस्जिद के इमाम भी हैं, जिस कारण मामला और संवेदनशील हो गया है। हालांकि अभी तक आधिकारिक रूप से कोई दोष तय नहीं किया गया है, लेकिन उनकी मौजूदगी ने पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक रंग दे दिया है।
बीजेपी का सपा पर हमला, ‘क्या यह सोची-समझी साजिश थी?’
इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी प्रवक्ता नवीन कोहली ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई हो रही थी और स्थानीय स्तर पर बातचीत भी हो चुकी थी, तो फिर एक सांसद का आधी रात को वहां पहुंचना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि क्या यह महज संयोग है या फिर कोई बड़ी साजिश? कोहली ने सीधे तौर पर सपा नेतृत्व से जवाब मांगते हुए कहा कि अखिलेश यादव को स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी पार्टी इस तरह की घटनाओं पर क्या रुख रखती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धर्म को राजनीति में घसीटकर माहौल खराब करने की कोशिश की गई और इससे आम लोगों की जान खतरे में पड़ी।
मुस्लिम नेताओं की अपील – हिंसा नहीं, अदालत का रास्ता अपनाएं
वहीं दूसरी ओर, इस मामले में मुस्लिम धर्मगुरुओं की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि मस्जिदों और धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में सरकार को बेहद संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। हालांकि उन्होंने साफ तौर पर दिल्ली के मुसलमानों से शांति बनाए रखने की अपील भी की। रजवी ने कहा कि पत्थरबाजी या आंदोलन किसी समस्या का हल नहीं है और इससे स्थिति और बिगड़ती है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यदि किसी को कार्रवाई पर आपत्ति है तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएं, न कि कानून अपने हाथ में लें।
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