Friday, February 20, 2026
Homeदेशमुंबई में के मंदिर आस्था से छेड़छाड़, काली माता की मूर्ति को...

मुंबई में के मंदिर आस्था से छेड़छाड़, काली माता की मूर्ति को दिया ऐसा रूप, भड़क उठा बवाल

मुंबई के एक मंदिर में पुजारी ने काली माता की प्रतिमा को मदर मैरी जैसा रूप देकर गोल्डन साड़ी पहनाई, जिसके बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश फैल गया।

-

मुंबई के एक स्थानीय मंदिर में उस समय हंगामा मच गया जब रोज़ की तरह दर्शन करने पहुंचे लोगों ने देखा कि मंदिर में स्थापित काली माता की प्रतिमा का स्वरूप पूरी तरह बदल दिया गया है। माता को पारंपरिक रूप से दिखाने वाली मूर्ति को पुजारी ने नए रूप में सजा दिया था। प्रतिमा को गोल्डन साड़ी पहनाई गई थी और उसका चेहरा ऐसे सजाया गया था कि वह मदर मैरी जैसी प्रतीत हो रही थी।

इस दृश्य ने श्रद्धालुओं को हैरान होने के साथ–साथ नाराज़ भी कर दिया। उनका कहना था कि देवी की प्रतिमा के साथ इस तरह का बदलाव धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। स्थानीय लोगों ने तुरंत यह मामला मंदिर प्रबंधन के ध्यान में लाया। कुछ ही समय में यह खबर पूरे इलाके में फैल गई और मंदिर के बाहर भीड़ जुटने लगी।

पुजारी का दावा—‘मुझे सपने में आदेश मिला’

जब मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची, तो तुरंत टीम मंदिर पहुंची और पुजारी से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पुजारी ने बयान दिया कि उसने प्रतिमा का रूप अपनी इच्छा से नहीं बदला। उसका दावा था कि काली माता ने उसे सपने में आदेश दिया कि वह उन्हें मदर मैरी जैसी रूप-रचना में सजाए। पुजारी के मुताबिक, उसने देवी की आज्ञा मानते हुए यह बदलाव किया।
हालाँकि, श्रद्धालुओं को उसकी बातों पर विश्वास नहीं हुआ। उनका कहना था कि धार्मिक परंपराओं के विपरीत ऐसे कदम से समाज में गलत संदेश जाता है। कई लोगों ने इसे धार्मिक भावनाएँ आहत करने वाला कृत्य बताया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन भीड़ लगातार बढ़ती गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण बन गया।

विरोध की आग में उतरे स्थानीय संगठन

विवाद बढ़ता देख आसपास के कई हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी मंदिर पहुँच गए। उन्होंने इस घटना के खिलाफ नारेबाज़ी की और पुजारी पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि ऐसी हरकत से मंदिर की गरिमा और धार्मिक परंपराओं को ठेस पहुँचती है।

मंदिर परिसर में बढ़ते तनाव के बीच पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। अधिकारियों ने लोगों से शांत रहने की अपील की और भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। इसके बावजूद, कई घंटों तक मंदिर के बाहर असंतोष का माहौल बना रहा। मंदिर प्रबंधन ने भी स्पष्ट कर दिया कि यह निर्णय पुजारी ने बिना अनुमति के लिया था।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच

स्थिति बिगड़ने से पहले ही पुलिस ने पुजारी को हिरासत में लिया और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का कहना था कि यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि पुजारी ने यह कदम अकेले उठाया या किसी अन्य व्यक्ति के प्रभाव में ऐसा किया गया। मंदिर प्रबंधन से भी पूछताछ की जा रही है कि क्या उन्हें पहले से इस बदलाव की जानकारी थी।
मंदिर के बाहर अब स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन लोग अभी भी इस घटना को लेकर नाराज़ हैं। कई श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक स्थलों में ऐसी घटनाएँ बेहद संवेदनशील होती हैं, इसलिए भविष्य में मंदिर प्रशासन को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से फैल गया है, जहाँ लोग अपनी राय दे रहे हैं। कुछ इसे अंधविश्वास से जोड़ रहे हैं, जबकि कुछ इसे धार्मिक सीमाओं का उल्लंघन बता रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि वे मामले की हर angle से जांच करेंगे और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

Read more-मुजफ्फरनगर में मिसाल बना दूल्हा: शादी के मंच पर लौटाए 21 लाख रुपये, दहेज प्रथा के खिलाफ दिया मजबूत संदेश

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts