बिहार के नालंदा जिले के मघड़ा स्थित शीतला मंदिर में मंगलवार सुबह हड़कंप मच गया, जब पूजा के दौरान अचानक भगदड़ मच गई। स्थानीय प्रशासन और अस्पताल सूत्रों के अनुसार इस हादसे में आठ महिलाओं की मौत हो गई है, जबकि 10 से 12 अन्य श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मृतकों में अधिकांश पटना की रहने वाली बताई जा रही हैं। घटना की शुरुआती रिपोर्ट में बताया गया है कि मंदिर परिसर में भीड़ असामान्य रूप से अधिक थी और सुरक्षा व्यवस्था बिल्कुल अपर्याप्त थी, जिसके चलते यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 6-6 लाख मुआवजे देने का ऐलान किया है।
हादसे का समय और राहत-बचाव कार्य
घटना मंगलवार सुबह हुई, जब लोग पूजा करने के लिए मंदिर में जमा हो रहे थे। भगदड़ के तुरंत बाद सूचना मिलते ही प्रशासन और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। घायल श्रद्धालुओं को तत्काल सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। मंदिर परिसर को खाली करवा दिया गया और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। घटना स्थल पर एसडीएम और कई वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे। फिलहाल, प्रशासन की ओर से मृतकों की संख्या और घटना के वास्तविक कारण की पुष्टि नहीं की गई है।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सुरक्षा में चूक
जानकारी के अनुसार, हर मंगलवार को इस मंदिर में पूजा करने हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भीड़ सामान्य से अधिक थी। सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने के कारण, किसी छोटी सी घटना ने भगदड़ को जन्म दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर में सुरक्षा कर्मी कम थे और व्यवस्थापन पूरी तरह से असंतुलित था। इसके चलते लोग आपस में धक्का-मुक्की में फंस गए और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
आने वाले कार्यक्रम का असर
इस घटना के ठीक दिन नालंदा विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह राजगीर में आयोजित किया जा रहा है। समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शामिल होंगे। कई लोगों का मानना है कि इस तरह के बड़े कार्यक्रम के चलते मंदिर में सुरक्षा-व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे यह दुर्घटना हुई। प्रशासन ने अभी तक घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच के बाद सभी जानकारियाँ सार्वजनिक की जाएंगी।
