दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले ने पूरे राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारे में हलचल मचा दी है। इस मामले में गिरफ्तार हमलावर ने अब पुलिस के सामने ऐसा बयान दिया है, जिसने जांच एजेंसियों के साथ-साथ आम जनता को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। हमलावर ने दावा किया है कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के कुत्तों पर दिए गए आदेश के बाद उसे सपने में भगवान शिव के भैरव स्वरूप के दर्शन हुए। उसके अनुसार, काल भैरव ने आदेश दिया कि वह दिल्ली जाकर अपनी बात देश के सामने रखे। इसी कथित “दैवी आदेश” को वह अपना मकसद बताता है।
सपने का रहस्य या झूठा बहाना?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हमलावर ने पूछताछ में विस्तार से बताया कि उसने शिवलिंग पर ध्यान करने के दौरान ‘काल भैरव’ का आभास पाया। उसका कहना है कि उसी क्षण उसे यह विश्वास हो गया कि उसे एक “विशेष दायित्व” सौंपा गया है। हालांकि जांच एजेंसियां इस बयान को एक मानसिक भ्रम मानकर चल रही हैं और उसकी मेडिकल हिस्ट्री खंगाल रही हैं। डॉक्टरों की एक टीम भी हमलावर की मानसिक स्थिति की जांच करेगी, ताकि यह साफ हो सके कि वह सचमुच किसी धार्मिक प्रभाव में था या फिर यह सिर्फ हमले को सही ठहराने की चाल है।
राजनीति में हलचल और सुरक्षा पर सवाल
इस सनसनीखेज खुलासे ने राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया है। विपक्ष इसे सरकार की सुरक्षा खामियों से जोड़कर लगातार हमले कर रहा है। वहीं, आम जनता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या धार्मिक विश्वास और निजी मानसिकता का टकराव इस तरह खतरनाक रूप ले सकता है? पुलिस अब हमलावर के सभी बयान दर्ज कर रही है और साथ ही उसके धार्मिक गुरुओं और परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है। आने वाले दिनों में यह जांच साफ करेगी कि यह हमला वास्तव में किसी “दैवी आदेश” का परिणाम था या फिर एक अस्थिर दिमाग की खतरनाक कल्पना।
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